केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के बेटे ने नीतीश कुमार को दी खुली चुनौती, कहा-आपके FIR को कूड़ेदान में फेंकता हूँ
पटना। बिहार के भागलपुर में सांप्रदायिक हिंसा फैलाने के आरोपी केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के बेटे अर्जित शाश्वत ने बिहार के सीएम को खुली चुनौती दी है। शाश्वत ने नीतीश कुमार को खुले आम चुनौती देते हुए कहा कि वह कोई अपराधी नहीं है। अर्जित शाश्वत चौबे ने कहा कि मैनें ऐसा कोई अपराध नहीं किया है जिसके लिए मुझे भागना पड़े। प्रशासन अपनी नाकामी छिपाने के लिए प्रशासन ने गलत एफआईआर कराई है।

मैं इस एफआईआर को कूड़े में फेंकता हूं
अर्जित ने कहा कि हर साल भागलपुर में शोभायात्रा निकाली जाती है। शोभायात्र शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। शोभायात्र समाप्त होने के पहले ही जानकारी मिली कि नाथनगर में दो गुटों के बीच झड़प हो गई और मुझे अभियुक्त बना दिया गया है। शाश्वत ने अपने ऊपर हुए एफआईआर को लेकर पटना में एक प्रेस कॉन्फ्रेस बुलाई थी। प्रेस कॉन्फ्रेस में उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ जो एफआईआईर हुई है वह उसे रद्दी का टुकड़ा मानते हैं। उन्होंने कहा कि मैं इस एफआईआर को कूड़े में फेंकता हूं।

भारत माता की जय कहना अपराध हैं तो मैं अपराधी हूं
हालांकि जब उसने पूछा गया कि क्या उन्हें शोभा यात्रा की अनुमति थी? तो उन्होंने इस बात को माना कि शोभा यात्रा निकलने की पुलिस ने अनुमति नहीं दी थी। पत्रकारों से बातचीत करते हुए शाश्वत ने इस पूरे मुद्दे पर मुख्य मंत्री नीतीश कुमार के कड़े रूख का विरोध किया। उन्होंने कहा कि अगर भारत माता की जय कहना अपराध हैं तो मैं अपराधी हूं। आपको बता दें कि केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे इस मामले में अपने बेटे का पक्ष ले चुके हैं। उन्होंने कहा था कि, उन्हें अपने बेटे पर गर्व है, उसने कुछ गलत नहीं किया था।

केस में एक हजार अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया
इस मामले में थाने के दारोगा हरकिशोर सिंह के बयान पर जुलूस का नेतृत्व कर रहे केन्द्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री के पुत्र व भाजपा महानगर अध्यक्ष सोनू घोष समेत नौ नामजद और पांच सौ अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। दूसरा केस एएसआई हरेराम चौधरी के बयान पर दर्ज किया गया था। इस केस में दोनों पक्षों के 12 नामजद लोगों के अलावा एक हजार अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया था।












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