रोहिणी आचार्य बोलीं- 'पुराने सामान को नए डब्बे में परोसा गया', बजट पर राहुल गांधी समेत विपक्षी नेता क्या बोले
Union Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में आज रविवार (1 फरवरी, 2026) को आम बजट पेश किया। इस बजट में कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ हुईं, लेकिन आम आदमी के लिए कोई बड़ी राहत नहीं दिखी। जिसके चलते बजट को लेकर देश की राजनीति गरमा गई है। जहां एक ओर मोदी सरकार के बजट की बीजेपी नेता तारीफ कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विपक्षी दलों के नेताओं ने आम बजट को जनता विरोधी करार दिया है। जानिए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी समेत अन्य विपक्षी नेताओं ने बजट पर क्या प्रतिक्रिया दी?

राहुल गांधी बोले- संसद में कल बोलूंगा
केंद्रीय बजट 2026-27 पर उनकी टिप्पणियों के बारे में पूछे जाने पर, लोकसभा के नेता राहुल गांधी कहते हैं, "मैं संसद द्वारा प्रदान किए गए मंच का उपयोग करके कल बोलूंगा।" वहीं कांग्रेस ने अपने सोशल मीडिया पर पोस्ट में बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए लिखा, "मोदी के फर्जी बजट से शेयर मार्केट धड़ाम से गिरा है।"
रोहिणी आचार्य बोलीं- पुराने सामान को नए डिब्बे में नए...
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने केंद्र सरकार के संघीय बजट पर तीखी आलोचना की है। उन्होंने इस बजट की तुलना "पुराने सामान को नए डिब्बे में नए लेबल के साथ परोसने" से की है। रोहिणी आचार्य ने लिखा, "अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रति व्यक्ति आय में बढ़ोत्तरी कैसे होगी? इस पर बजट में कोई स्पष्टता नहीं है, डिजिटल कंटेंट क्रिएशन को बढ़ावा देने की बात की गई है, मगर देश की शिक्षित व गैर-शिक्षित युवा आबादी के लिए यथार्थ में जॉब-क्रिएशन कैसे और किन-किन सेक्टर्स में होगा? देश के इस सबसे गंभीर मसले पर भी बजट में कोई स्पष्ट रोड मैप नहीं है।"
आचार्य ने बिहार से संबंधित एक पुरानी और अति आवश्यक मांग को लेकर भी निराशा जताई। उन्होंने कहा, "बिहार के लिए बाढ़ प्रबंधन, बाढ़ की रोक थाम, बाढ़ के पश्चात पुनर्वास की व्यवस्था एवं सिंचाई के संसाधनों के निर्माण व विकास के लिए विशेष-पैकेज दिए जाने की बेहद जरूरी व पुरानी मांग के लिए बजटीय प्रावधान का नहीं होना निराशाजनक है।"
ममता बनर्जी ने इसे बताया दिशाहीन बजट
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्रीय बजट की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि इसमें बंगाल के लिए एक भी पैसा नहीं दिया गया, जो राज्य के साथ खुला भेदभाव है। उन्होंने बजट को सिर्फ़ घोषणाओं तक सीमित बताते हुए कहा कि इससे देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होने के बजाय कमजोर होगी। ममता बनर्जी ने तीन कॉरिडोर बनाने के दावे को भी झूठा करार दिया और कहा कि यह बजट न तो राज्यों की ज़रूरतों को समझता है और न ही भविष्य की कोई स्पष्ट दिशा देता है, इसलिए यह पूरी तरह दिशाहीन बजट है।












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