केंद्रीय बजट 2025: हिमाचल प्रदेश को रेल, सड़क और हवाई कनेक्टिविटी के लिए विशेष प्रावधान की उम्मीद
Union Budget 2025: केंद्रीय बजट 2025, भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा 1 फरवरी 2025 को संसद में पेश किया जाएगा। यह बजट सुबह 11 बजे से शुरू होगा। यह मोदी सरकार 3.0 का दूसरा पूर्ण बजट होगा।
हिमाचल प्रदेश ने केंद्रीय बजट 2025 में बद्दी-चंडीगढ़, बिलासपुर-भानुपल्ली, और शिमला-कालका रेल लाइनों के लिए अतिरिक्त बजट प्रावधान की मांग की है। राज्य ने भानुपल्ली-लेह रेललाइन को राष्ट्रीय प्रोजेक्ट घोषित करने की गुहार लगाई है, क्योंकि यह रेल लाइन चीन सीमा तक पहुंचेगी और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

भानुपल्ली रेललाइन को राष्ट्रीय परियोजना
हिमाचल सरकार ने भानुपल्ली रेललाइन को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने के साथ-साथ चंडीगढ़-बद्दी और नंगल डैम-तलवाड़ा रेल लाइनों के लिए बजट आवंटन की अपील की है। इसके अलावा, कालका-शिमला हैरिटेज रेलवे ट्रैक पर स्थित स्टेशनों के उन्नयन के लिए भी बजट प्रावधान की उम्मीद है।
सड़क और हवाई कनेक्टिविटी की मांग
राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार और रोप-वे प्रोजेक्टों के लिए केंद्र से विशेष सहायता मांगी गई है। ग्रीन स्टेट बनाने की दिशा में हिमाचल ने विद्युत चलित बसों की खरीद के लिए भी वित्तीय मदद की आवश्यकता जताई है।
हवाई कनेक्टिविटी में सुधार के लिए प्रदेश को उम्मीद है कि बजट में रनवे विस्तार और इंटरनेशनल एयरपोर्ट निर्माण के लिए प्रावधान किए जाएंगे। हिमाचल में छोटे रनवे के कारण बड़े जहाज नहीं उतर पाते, जिससे हवाई यात्रा महंगी पड़ती है। यदि बड़े जहाज उतरने लगें, तो किराया कम होगा और पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी।
पर्यटन और विकास की प्राथमिकता
हिमाचल प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र को और मजबूत करने के लिए सड़क, रेल, और वायु यातायात को सुदृढ़ करने की जरूरत है। इस बारे में फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गजेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि राज्य के पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों और हवाई अड्डों के विकास पर ध्यान दिया जाना चाहिए। केंद्रीय बजट 2025 में हिमाचल के विकास से जुड़े ये प्रावधान क्षेत्र की कनेक्टिविटी में सुधार करेंगे और पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देंगे।
केंद्रीय बजट का इतिहास
केंद्रीय बजट भारत सरकार के वार्षिक वित्तीय वक्तव्य को दर्शाता है, जिसमें अगले वित्तीय वर्ष के लिए राजस्व और व्यय का विवरण होता है।
1. प्रथम बजट: भारत का पहला केंद्रीय बजट 18 फरवरी 1860 को जेम्स विल्सन ने पेश किया। स्वतंत्र भारत का पहला बजट 26 नवंबर 1947 को तत्कालीन वित्त मंत्री आर.के. शनमुखम चेट्टी ने पेश किया था।
2. यूनियन बजट का स्वरूप: पहले समय: 1947 से 1999 तक, बजट को शाम 5 बजे पेश किया जाता था।
वर्तमान समय: 2001 से बजट सुबह 11 बजे पेश किया जाता है। यह बदलाव अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के दौरान हुआ।
3. पेपरलेस बजट: 2021 में, निर्मला सीतारमण ने बजट को डिजिटल स्वरूप में पेश किया, जिससे यह भारत का पहला पेपरलेस बजट बना।
4. महिला वित्त मंत्री का योगदान: इंदिरा गांधी: भारत की पहली महिला वित्त मंत्री थीं। निर्मला सीतारमण: पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री के रूप में रिकॉर्ड बना चुकी हैं।
5. महत्वपूर्ण बदलाव: 1997 का बजट: इसे "ड्रीम बजट" कहा गया, जिसे पी. चिदंबरम ने पेश किया था। इसमें कर प्रणाली को सरल बनाया गया।
1991 का बजट: डॉ. मनमोहन सिंह ने यह बजट पेश किया, जो आर्थिक उदारीकरण की शुरुआत का प्रतीक बना।
केंद्रीय बजट का महत्व
केंद्रीय बजट में सरकार के राजस्व (जैसे कर, शुल्क) और व्यय (जैसे कल्याणकारी योजनाएं, रक्षा, बुनियादी ढांचा) का प्रावधान किया जाता है। यह न केवल देश की आर्थिक नीति का खाका तैयार करता है, बल्कि समाज और उद्योग जगत के लिए भी दिशा तय करता है।












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