बजट 2018: नौकरी पेशा लोगों को झटका, इनकम टैक्स में कोई छूट नहीं, 1 फीसदी बढ़ा सेस
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नई दिल्ली। आयकर सीमा में छूट की उम्मीद लगाए नौकरी पेशा लोगों को इस बार आम बजट से निराशा हाथ लगी है। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बजट पेश करते हुए ऐलान किया कि इस वित्त वर्ष इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। लेकिन इसके साथ ही सरकार ने दोबारा स्टैंडर्ड डिडक्शन व्यवस्था की शुरूआत कर जरूर नौकरी पेशा लोगों को कुछ राहत देने की उम्मीद की।

3 फीसदी से बढ़कर 4 फीसदी हुआ सेस
अरुण जेटली ने कहा कि इस वित्त वर्ष से आयकर देने वाले को 40 हजार का स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलेगा। इसका अर्थ यह हुआ कि अब आपकी कुल आमदनी में से 40 हजार रुपये घटाकर जो राशि बचेगी उस पर सरकार को टैक्स देना होगा। बता दें कि स्टैंडर्ड डिडक्शन व्यवस्था को 2016 में बंद किया गया था। लेकिन इसके साथ ही सरकार ने शिक्षा और स्वास्थय पर 1 प्रतिशत सेस बढ़ा दिया गया है। सेस अब 3 फीसदी से अब 4 फीसदी हो गया। यानी कि अब आपको 1 फीसदी टैक्स ज्यादा देना होगा।

वरिष्ठ नागरिकों को थोड़ी राहत
वरिष्ठ नागरिकों को जरूर बजट में कुछ राहत दी गई है। वरिष्ठ नागरिकों को डिपॉजिट पर मिलने वाली छूट 10 से बढाकर 50 हजार कर दी गई है। बुजुर्गों के लिए 80 डी में मेडिक्लेम के लिए 50 हजार तक की छूट की व्यवस्था भी की गई है। साथ ही वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा अब लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स 10 फीसदी होगा। एक साल से ज्यादा शेयर रखने पर 15 फीसदी टैक्स देना होगा।

90 हजार करोड़ बढ़ा इनकम टैक्स कलेक्शन
अरुण जेटली ने कहा कि कालेधन के खिलाफ सरकार की मुहिम से टैक्स चोरी में कमी आई है और टैक्स देने वालों की संख्या बढ़ी है। जेटली ने बताया कि इस साल टैक्स देने वालों की संख्या में 19.25 लाख का इजाफा हुआ है जिससे कि इनकम टैक्स कलेक्शन 90 हजार करोड़ बढ़ा है।












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