उजियारपुर लोकसभा चुनाव 2024 परिणाम LIVE: नित्यानंद राय बनाम आलोक मेहता की जंग में बाजी किसकी? खिलेगा कमल या जलेगा लालटेन? देखिए मतगणना का पल-पल अपडेट
बिहार के उजियारपुर लोकसभा सीट के लिए वोटों की गिनती जारी है। यहाँ से बतौर भारतीय जनता पार्टी प्रत्याशी गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय मैदान में हैं और उनका मुख्य मुकाबला है राष्ट्रीय जनता दल उम्मीदवार आलोक कुमार मेहता से। 2019 में यहाँ से भाजपा के नित्यानंद राय ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी रालोसपा उम्मीदवार उपेंद्र कुशवाहा को करीब 2.5 लाख मतों के अंतर से हराया था। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बार मतदताओं ने किसे अपना आशीर्वाद दिया है। फिलहाल मतगणना प्रगति पर है, कौन आगे है, कौन पीछे, किसको मिले कितने वोट? इस सीट पर मतगणना का लाइव अपडेट जानने के लिए आगे देखते रहिए...

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भाजपा के नित्यानंद राय ने शानदार बढ़त के साथ जीत हासिल की, राजद के आलोक कुमार मेहता पीछे
लोकसभा चुनाव की मतगणना के नवीनतम अपडेट में, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नित्यानंद राय 5,15,965 वोटों के साथ महत्वपूर्ण जीत हासिल करके विजयी हुए हैं। राय के निकटतम प्रतिद्वंद्वी, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के आलोक कुमार मेहता 4,55,863 वोटों से पीछे हैं, जो पहले और दूसरे स्थान के बीच स्पष्ट अंतर को दर्शाता है। 'इनमें से कोई नहीं' (नोटा) की अवधारणा ने आश्चर्यजनक रूप से 23,269 वोटों के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया, जो दोनों उम्मीदवारों में से किसी के लिए मतदाताओं की पसंद का एक हिस्सा दर्शाता है। नोटा के बाद, निर्दलीय उम्मीदवार संजय पासवान और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के मोहन कुमार मौर्य को क्रमशः 16,963 और 7,101 वोट मिले,

लोकसभा चुनाव की मतगणना में भाजपा के नित्यानंद राय आगे, राजद के आलोक कुमार मेहता पीछे
लोकसभा चुनाव की मतगणना के नवीनतम अपडेट में, भाजपा के नित्यानंद राय वर्तमान में महत्वपूर्ण अंतर से आगे चल रहे हैं। राय ने कुल 5,15,159 वोट हासिल किए हैं, जिससे वह दौड़ में सबसे आगे हैं। उनके ठीक पीछे राजद के आलोक कुमार मेहता हैं, जिन्होंने 4,54,870 वोट हासिल किए हैं, जिससे वह दूसरे स्थान पर हैं, लेकिन राय से पीछे हैं। 'इनमें से कोई नहीं' (नोटा) की अवधारणा, जो मतदाताओं को सभी उम्मीदवारों को खारिज करने की अनुमति देती है, ने भी उल्लेखनीय संख्या में वोट देखे हैं, कुल 23,246, और वर्तमान स्टैंडिंग में तीसरे स्थान पर है। निर्दलीय उम्मीदवार संजय पासवान 16,961 वोटों के साथ नोटा से बहुत पीछे नहीं हैं। अंत में, बसपा के मोहन कुमार मौर्य 7,081 वोटों से पीछे हैं। जैसे-जैसे मतगणना आगे बढ़ रही है, ये संख्याएं भारत के उभरते राजनीतिक परिदृश्य की एक झलक पेश करती हैं।

लोकसभा चुनाव की मतगणना में भाजपा के नित्यानंद राय आगे चल रहे हैं, राजद के आलोक कुमार मेहता पीछे चल रहे हैं
चल रहे लोकसभा चुनाव की मतगणना में, भाजपा के नित्यानंद राय ने 5,14,978 वोटों की मौजूदा बढ़त के साथ महत्वपूर्ण बढ़त हासिल कर ली है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का प्रतिनिधित्व करने वाले राय वर्तमान में इस चुनावी लड़ाई में मजबूत प्रदर्शन करते हुए दौड़ में पहले स्थान पर हैं। दूसरी ओर, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के आलोक कुमार मेहता 4,54,475 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर हैं। दो प्रमुख उम्मीदवारों के बीच का अंतर इस लोकसभा चुनाव में तीव्र प्रतिस्पर्धा और मतदाता वरीयताओं को उजागर करता है। इसके अलावा, NOTA (उपरोक्त में से कोई नहीं) ने आश्चर्यजनक रूप से 23,224 वोटों के साथ तीसरा स्थान हासिल किया है, नोटा के बाद, निर्दलीय उम्मीदवार संजय पासवान 16,949 वोटों के साथ पीछे चल रहे हैं, जबकि बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के मोहन कुमार मौर्य ने 7,078 वोट प्राप्त किए हैं, जो उन्हें क्रमशः चौथे और पांचवें स्थान पर रखते हैं। वर्तमान स्थिति न केवल मतदाताओं के राजनीतिक झुकाव को दर्शाती है, बल्कि भारत में लोकसभा चुनावों की गतिशील प्रकृति को भी दर्शाती है। जैसे-जैसे मतगणना आगे बढ़ती है, ये संख्याएँ बदल सकती हैं, लेकिन अभी तक, भाजपा के नित्यानंद राय अपने प्रतिद्वंद्वियों से आगे चल रहे हैं।

लोकसभा चुनाव की मतगणना में भाजपा के नित्यानंद राय आगे, राजद के आलोक कुमार मेहता पीछे
चल रहे लोकसभा चुनाव की मतगणना में, भाजपा के नित्यानंद राय ने कुल 5,09,258 वोटों के साथ महत्वपूर्ण बढ़त हासिल की है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का प्रतिनिधित्व करने वाले राय वर्तमान में इस चुनावी लड़ाई में मजबूत प्रदर्शन करते हुए दौड़ में पहले स्थान पर हैं। दूसरी ओर, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के आलोक कुमार मेहता 4,48,649 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर हैं। अग्रणी और पीछे चल रहे उम्मीदवारों के बीच का अंतर इस चुनाव की प्रतिस्पर्धी प्रकृति को उजागर करता है। सूची में आगे, 'नोटा' या 'इनमें से कोई नहीं' ने आश्चर्यजनक रूप से 22,857 वोटों के साथ तीसरा स्थान हासिल किया है, जो दर्शाता है कि मतदाताओं का एक हिस्सा दोनों में से किसी भी उम्मीदवार को पसंद नहीं करता है। अंत में, बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के मोहन कुमार मौर्य 7,019 वोटों के साथ पांचवें स्थान पर हैं। मौजूदा स्थिति मतदाताओं के बीच विविध चुनावी पसंद को दर्शाती है, जिसमें भाजपा और आरजेडी सबसे आगे हैं, जबकि स्वतंत्र और छोटे दलों के उम्मीदवार भी अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। जैसे-जैसे मतगणना जारी है, ये संख्याएँ बदल सकती हैं, लेकिन इस लोकसभा चुनाव के शुरुआती रुझानों के बारे में स्पष्ट जानकारी देती हैं।

लोकसभा चुनाव की मतगणना में भाजपा के नित्यानंद राय आगे, राजद के आलोक कुमार मेहता पीछे
चल रहे लोकसभा चुनाव की मतगणना में, भाजपा के नित्यानंद राय ने कुल 5,05,560 वोटों के साथ महत्वपूर्ण बढ़त हासिल की है, जिससे वह दौड़ में सबसे आगे हैं। राय, जिनके अभियान की पहचान सोशल मीडिया पर मजबूत उपस्थिति और व्यापक जमीनी काम से हुई है, वर्तमान में आगे चल रहे हैं, जो इस चुनावी लड़ाई में भाजपा के मजबूत प्रदर्शन को दर्शाता है। दूसरी ओर, राजद के आलोक कुमार मेहता 4,44,884 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर हैं। जोरदार अभियान और अपनी पार्टी के पारंपरिक मतदाता आधार से पर्याप्त समर्थन के बावजूद, मेहता राय की बढ़त को पार नहीं कर पाए हैं। सूची में आगे, NOTA (उपरोक्त में से कोई नहीं) ने आश्चर्यजनक रूप से 22,620 वोटों के साथ तीसरा स्थान हासिल किया है नोटा के बाद, निर्दलीय उम्मीदवार संजय पासवान 16,626 वोटों के साथ चौथे स्थान पर हैं। पासवान का स्वतंत्र उम्मीदवार बनना, स्थापित पार्टी उम्मीदवारों के खिलाफ़ महत्वपूर्ण प्रभाव प्राप्त करने में गैर-पार्टी सहयोगियों के सामने आने वाली चुनौतियों को उजागर करता है। अंत में, बीएसपी के मोहन कुमार मौर्य 6,980 वोटों के साथ पांचवें स्थान पर हैं, जो दर्शाता है कि लोकसभा चुनावों में छोटे दलों को पर्याप्त प्रभाव डालने में कितनी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इस चुनाव में सभी दलों की ओर से गहन प्रचार और रणनीतिक राजनीतिक चालें चली गई हैं। जैसे-जैसे मतगणना जारी है, यह देखना बाकी है कि ये शुरुआती रुझान अंतिम परिणामों में कैसे ठोस रूप लेते हैं।

लोकसभा चुनाव की मतगणना में भाजपा के नित्यानंद राय आगे, राजद के आलोक कुमार मेहता पीछे
चल रहे लोकसभा चुनाव की मतगणना में भाजपा के नित्यानंद राय ने कुल 5,01,345 वोटों के साथ महत्वपूर्ण बढ़त बना ली है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का प्रतिनिधित्व करने वाले राय वर्तमान में मतगणना के शुरुआती घंटों में मजबूत प्रदर्शन करते हुए दौड़ में पहले स्थान पर हैं। दूसरी ओर, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के आलोक कुमार मेहता 4,39,626 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर हैं। राय और मेहता के बीच का अंतर इस चुनाव चक्र में एक उत्सुकता से देखी जाने वाली प्रतियोगिता को उजागर करता है। विशेष रूप से, 'इनमें से कोई नहीं' (नोटा) के विकल्प ने भी 22,404 वोटों के साथ ध्यान आकर्षित किया है, जो इसे वर्तमान स्टैंडिंग में तीसरे स्थान पर रखता है। निर्दलीय उम्मीदवार संजय पासवान नोटा से बहुत पीछे नहीं हैं, जिन्हें 16,457 वोट मिले हैं और वे चौथे स्थान पर हैं। इस बीच, बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के मोहन कुमार मौर्य 6,936 वोटों के साथ पांचवें स्थान पर हैं। शुरुआती रुझानों से मतदाताओं की पसंद में विविधता का संकेत मिलता है, जिसमें भाजपा वर्तमान में बढ़त बनाए हुए है। जैसे-जैसे मतगणना आगे बढ़ रही है, सभी की निगाहें इन उम्मीदवारों और उनकी पार्टियों पर टिकी हैं क्योंकि वे इस महत्वपूर्ण लोकसभा चुनाव में जीत के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

लोकसभा चुनाव की मतगणना में भाजपा के नित्यानंद राय सबसे आगे हैं, राजद के आलोक कुमार मेहता थोड़े पीछे हैं
चल रहे लोकसभा चुनाव की मतगणना में, भाजपा के नित्यानंद राय वर्तमान में 4,91,351 वोट हासिल कर महत्वपूर्ण अंतर से आगे चल रहे हैं। राय, जिनके प्रदर्शन पर कड़ी नजर रखी जा रही है, के बाद राजद के आलोक कुमार मेहता हैं, जिन्होंने 4,30,523 वोट हासिल किए हैं, जिससे दोनों प्रमुख दलों के बीच प्रतिस्पर्धा कड़ी हो गई है। तीसरे स्थान पर आश्चर्यजनक रूप से NOTA (उपरोक्त में से कोई नहीं) है, जिसमें 21,990 मतदाताओं ने किसी भी उम्मीदवार के मुकाबले इसे प्राथमिकता दी है, जो इस चुनाव के मतदाता भावना के एक अनूठे पहलू को उजागर करता है। उनके पीछे निर्दलीय उम्मीदवार संजय पासवान 16,209 वोटों के साथ और बसपा के मोहन कुमार मौर्य हैं, जिन्हें 6,859 वोट मिले हैं।

लोकसभा चुनाव की मतगणना में भाजपा के नित्यानंद राय आगे, राजद के आलोक कुमार मेहता पीछे
चल रहे लोकसभा चुनाव की मतगणना में, भाजपा के नित्यानंद राय ने 4,82,535 वोटों के साथ महत्वपूर्ण बढ़त बना ली है, जिससे वह दौड़ में सबसे आगे हैं। राजद के आलोक कुमार मेहता 4,20,684 वोटों से पीछे हैं। सीट के लिए लड़ाई ने अब तक मतदाताओं के बीच स्पष्ट वरीयता दिखाई है, जिसमें राय उल्लेखनीय अंतर से आगे चल रहे हैं। नोटा, जो 'इनमें से कोई नहीं' का प्रतिनिधित्व करता है, ने आश्चर्यजनक रूप से तीसरा स्थान हासिल किया है, हालांकि 21,489 वोटों के साथ काफी पीछे है। निर्दलीय उम्मीदवार संजय पासवान और बसपा के मोहन कुमार मौर्य भी मैदान में हैं, जिन्होंने क्रमशः 15,906 और 6,764 वोट हासिल किए हैं।

लोकसभा चुनाव की मतगणना में भाजपा के नित्यानंद राय आगे, राजद के आलोक कुमार मेहता पीछे
चल रहे लोकसभा चुनाव की मतगणना में, भाजपा के नित्यानंद राय ने कुल 4,60,139 वोटों के साथ महत्वपूर्ण बढ़त बना ली है, जिससे वह दौड़ में सबसे आगे हैं। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी, राजद के आलोक कुमार मेहता 4,03,964 वोटों से पीछे हैं। दोनों उम्मीदवारों के बीच का अंतर इस चुनाव चरण में एक गहन लड़ाई को उजागर करता है। विशेष रूप से, 'इनमें से कोई नहीं' (नोटा) के विकल्प ने भी ध्यान आकर्षित किया है, जिसे 20,447 वोट मिले हैं और यह मौजूदा स्टैंडिंग में तीसरे स्थान पर है। निर्दलीय उम्मीदवार संजय पासवान नोटा से बहुत पीछे नहीं हैं, जिन्हें 15,166 वोट मिले हैं। इस बीच, बसपा के मोहन कुमार मौर्य 6,484 वोटों से पीछे चल रहे हैं।

लोकसभा चुनाव की मतगणना में भाजपा के नित्यानंद राय आगे, राजद के आलोक कुमार मेहता पीछे
लोकसभा चुनाव की मतगणना के नवीनतम अपडेट में, भाजपा के नित्यानंद राय वर्तमान में 4,39,901 वोट हासिल कर महत्वपूर्ण अंतर से आगे चल रहे हैं। राय, जिनके अभियान की पहचान जोरदार रैलियों और व्यापक डोर-टू-डोर प्रचार से हुई है, अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी राजद के आलोक कुमार मेहता से आगे हैं, जिन्हें 3,91,042 वोट मिले हैं। दोनों उम्मीदवारों के बीच का अंतर इस चुनाव चक्र में तीव्र प्रतिस्पर्धा और मतदाता वरीयताओं को उजागर करता है। तीसरे स्थान पर NOTA (उपरोक्त में से कोई नहीं) है, जो मतदाताओं के लिए एक विकल्प है जो सभी उम्मीदवारों को खारिज करना चाहते हैं, जिसे आश्चर्यजनक रूप से 19,621 वोट मिले हैं। यह उपलब्ध विकल्पों के साथ मतदाताओं के असंतोष का एक हिस्सा दर्शाता है। चौथे स्थान पर निर्दलीय उम्मीदवार संजय पासवान 14,555 वोटों के साथ हैं, अंत में, बीएसपी के मोहन कुमार मौर्य 6,222 वोटों के साथ पीछे चल रहे हैं, जो इस चुनाव में विविध राजनीतिक परिदृश्य और मतदाता संरेखण को दर्शाता है। ये आंकड़े न केवल मौजूदा स्थिति को दर्शाते हैं बल्कि व्यापक चुनावी रुझान और मतदाता भावनाओं को भी दर्शाते हैं। जैसे-जैसे मतगणना आगे बढ़ेगी, इन संख्याओं में बदलाव होने की उम्मीद है, जो काम पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया का एक गतिशील दृश्य पेश करता है।

लोकसभा चुनाव की मतगणना में भाजपा के नित्यानंद राय आगे चल रहे हैं, राजद के आलोक कुमार मेहता पीछे चल रहे हैं
लोकसभा चुनाव की मतगणना के नवीनतम अपडेट में, भाजपा के नित्यानंद राय वर्तमान में 3,27,970 वोटों के साथ आगे चल रहे हैं। राय, जिनके अभियान में जोरदार रैलियां और सार्वजनिक बैठकें शामिल हैं, को मतदाताओं से पर्याप्त समर्थन मिल रहा है। दूसरी ओर, राजद के आलोक कुमार मेहता 2,96,972 वोटों के साथ बहुत पीछे नहीं हैं। इस चुनावी मौसम में भाजपा और राजद के बीच प्रतिस्पर्धा कड़ी हो गई है, दोनों पार्टियां एक करीबी मुकाबले में प्रभुत्व के लिए होड़ कर रही हैं। सूची में आगे, NOTA (उपरोक्त में से कोई नहीं), मतदाताओं के लिए एक विकल्प जो सभी उम्मीदवारों को खारिज करना चाहते हैं, ने आश्चर्यजनक रूप से 14,711 वोट हासिल किए हैं, नोटा के बाद, निर्दलीय उम्मीदवार संजय पासवान 10,941 वोट हासिल करने में सफल रहे, जो प्रमुख दलों के प्रभुत्व के बावजूद राजनीति में व्यक्तिगत करिश्मे के प्रभाव को दर्शाता है। अंत में, बीएसपी के मोहन कुमार मौर्य 4,547 वोटों के साथ पीछे चल रहे हैं, जो निर्वाचन क्षेत्र में विभिन्न राजनीतिक प्राथमिकताओं को दर्शाता है। वर्तमान स्थिति न केवल भाजपा और आरजेडी की अग्रणी स्थिति को उजागर करती है, बल्कि स्वतंत्र उम्मीदवारों और नोटा जैसे वैकल्पिक मतदान विकल्पों द्वारा प्रस्तुत विविध राजनीतिक परिदृश्य को भी रेखांकित करती है। जैसे-जैसे मतगणना आगे बढ़ेगी, इन संख्याओं में उतार-चढ़ाव की उम्मीद है, जो मतदाताओं की प्राथमिकताओं का एक गतिशील दृश्य प्रस्तुत करती है।

लोकसभा चुनावों की मतगणना में BJP के नित्यानंद राय आगे चल रहे हैं और RJD के आलोक कुमार मेहता पीछे रह गए हैं.
मतगणना के ताज़ा अपडेट में, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नित्यानंद राय 3,06,254 वोटों का बड़ा अंतर लेकर आगे बढ़ रहे हैं. राय, जिनके प्रदर्शन पर गौर से नजर रखी जा रही, इस रेस में भी सबसे आगे हैं, जो कि उनके निर्वाचन क्षेत्र में बीजेपी की दमदार उपस्थिति दर्शाता है. वहीं, RJD की तरफ़ से आलोक कुमार मेहता 2,77,087 वोटों के साथ राय से पीछे हैं. भाजपा और RJD के बीच इस प्रतिस्पर्धा से इस चुनाव में गहरी राजनीतिक दुश्मनी और वोटरों के भावनाओं का पता चलता है. लिस्ट में नीचे की तरफ़ नज़र जाए, तो आश्चर्यजनक रूप से नोटा को 13,678 वोट हासिल हुए हैं और इससे पता चलता है कि कुछ मतदाता ऊपर दिए किसी भी उम्मीदवार को पसंद नहीं करते. निर्दलीय उम्मीदवार संजय पासवान भी इस रेस में हैं और उन्हें 10,191 वोट मिले, जबकि बसपा से मोहन कुमार मौर्य को 4,212 वोट मिले और वे भी रेस में हैं. इन नंबरों से पता चलता है कि लोकसभा चुनाव बहुत अलग-अलग तरह से होते हैं. इसमें बहुत-सारे दल और उम्मीदवार मतदाताओं का समर्थन पाने के लिए एक दूसरे से होड़ करते हैं














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