राहुल गांधी के चक्कर में कैसे बुरे फंस गए उद्धव, सावरकर के मुद्दे पर महाराष्ट्र में हो सकता है बेड़ा गर्क?
राहुल गांधी की ओर से सावरकर पर दिए बयान से महाराष्ट्र की राजनीति गर्म हो चुकी है। उद्धव ठाकरे की पार्टी की मुश्किल तो इतनी बढ़ी है कि उसे कांग्रेस से कन्नी काटनी पड़ रही है।

कांग्रेस पार्टी राहुल गांधी की संसद सदस्यता छिन जाने से परेशान है, लेकिन इस मामले में महाराष्ट्र में उसकी सहयोगी शिवसेना (उद्धव बाल ठाकरे) के लिए अजीब मुसीबत शुरू हो गई है। राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी बीजेपी के खिलाफ भड़ास निकालने के लिए वीर सावरकर के खिलाफ जो लाइन ले रही है, उसकी वजह से प्रदेश की राजनीति में उद्धव ठाकरे की किरकिरी हो रही है। कांग्रेस के नेता बार-बार स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर के लिए अपमानजनक टिप्पणियां कर रहे हैं और इससे पिंड छुड़ाना उद्धव की सेना के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। अब महाराष्ट्र में सत्ताधारी शिवसेना और बीजेपी गठबंधन ने इस मसले पर उद्धव की दुखती नस को दबाना शुरू कर दिया है।

राहुल का बयान, बुरे फंसे उद्धव!
कांग्रेस नेता राहुल गांधी आपराधिक मानहानि मामले में सजा पाने के बाद संसद की सदस्यता से स्वाभाविक तौर पर अयोग ठहराए गए हैं, लेकिन भाजपा और आरएसएस को घेरने के लिए वो और उनकी पार्टी के लोग लगातार वीर सावरकर को टारगेट कर रहे हैं। जबकि, स्वतंत्रता सेनानी वीर विनायक दामोदर सावरकर संघ से जुड़ी विचारधारा के लिए आदर्श हैं। राहुल गांधी, वीर सावरकर के लिए अमर्यादित टिप्पणी पहली बार नहीं कर रहे हैं। लेकिन, महाराष्ट्र की राजनीति अभी जिस मोड़ पर खड़ी है, उसमें उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना (यूटीबी) की उलझन बढ़ गई है। वह राहुल के बयान के खिलाफ न तो खुल खेल ही पा रही है और न ही उसे हजम कर पाना ही आसान है।

सीएम शिंदे ने दी उद्धव को बड़ी चुनौती
उद्धव की सेना की इस कश्मकश को महाराष्ट्र में सत्ताधारी शिवसेना-बीजेपी गठबंधन ने हाथों हाथ लिया है। सावरकर के मुद्दे पर मराठी भावना को जगाने की इनकी कोशिशों के ऐलान ने प्रदेश की राजनीति में ठाकरे के लिए आगे कुआं-पीछे खाई वाली स्थिति पैदा कर दी है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने तो सीधे उद्धव को उनके पिता की याद दिलाकर निशाना साध दिया है। उन्होंने कहा है, 'उद्धव ठाकरे कहते हैं कि वह वीर सावरकर के अपमान को बर्दाश्त नहीं करेंगे। जिस तरह से बालासाहेब ने तत्कालीन केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर के पुतले को जूतों से पीटा था, क्या उद्धव ठाकरे राहुल गांधी के साथ वैसा ही करेंगे? '

'सावरकर गौरव यात्रा' निकालेगी बीजेपी-शिवसेना
उद्धव ठाकरे के परिवार की राजनीति की धड़कन बीएमसी में दखल की वजह से चलती रही है। देश के कई राज्यों से भी अमीर मुंबई महानगरपालिका के चुनाव सिर पर हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री शिंदे ने न सिर्फ सावरकर पर राहुल की टिप्पणी की निंदा की है, बल्कि अपनी प्रतिद्वंद्वी शिवेसना (उद्धव बाल ठाकरे) की धड़कने यह कह कर और भी बढ़ा दी हैं कि उनका सत्ताधारी गठबंधन वीर सावरकर के योगदान को लेकर राज्य में 'सावरकर गौरव यात्रा' निकालेगा। महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस के मुताबिक, 'हम वीर सावरकर के योगदानों पर चर्चा के लिए राज्य के हर जिलों में 'सावरकर गौरव यात्रा' निकालेंगे। एक ही साथ हम उनका भी विरोध करेंगे जिन्होंने सावरकर का अपमान किया है।'

राहुल गांधी नहीं हैं, राहुल गंदगी हैं- बीजेपी सांसद
बीजेपी- शिवसेना गठबंधन का कहना है कि देश की आजादी के लिए सावरकर के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। सावरकर पर दिए गए अमर्यादित बयान के लिए राहुल पर सबसे ज्यादा तीखी और विवादित टिप्पणी बीजेपी सांसद पूनम महाजन ने की है। उन्होंने कहा है कि 'राहुल गांधी ने सावरकर जी के बारे में कहा था कि वह सावरकर नहीं गांधी हैं....'वो गांधी भी नहीं हैं' लेकिन दिक्कत इस बात की है कि स्वातंत्र वीर सावरकर जी या जो भी स्वतंत्रता में लड़े हैं उन सबका हम सम्मान करते हैं। लेकिन ये अराजकता की गंदगी जो राहुल जी फैला रहे हैं, तो वो भी राहुल गांधी नहीं हैं, राहुल गंदगी हैं और इस देश को गंदगी की ओर ले जाना चाहते हैं...।' कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दो साल की सजा मिलने के बाद कहा था, 'मेरा नाम सावरकर नहीं है और गांधी कभी माफी नहीं मांगता।'

सावरकर के मुद्दे पर महाराष्ट्र में चेहरा कैसे बचाएंगे उद्धव ?
महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की सेना और कांग्रेस का पिछले करीब साढ़े तीन वर्षों से गठबंधन है। इस दौरान एक बार पहले भी सावरकर के मुद्दे पर उद्धव की पार्टी ने राहुल के बयान से खुद को अलग दिखाने की कोशिश की थी और उनसे इससे परहेज करने का भी अनुरोध किया था। लेकिन, इस बार उद्धव की मूल पार्टी ही हाथ से निकल चुकी है। अब बची-खुची को बचाए रखना महाराष्ट्र की राजनीति में उनके लिए बड़ी चुनौती बन चुकी है। यही वजह है कि पार्टी ने राहुल गांधी के मुद्दे पर कांग्रेस से कन्नी काटने की कोशिश की है। पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय राउत को कहना पड़ा, 'गलत बयान है। वह गांधी हैं, लेकिन सावरकर का नाम घसीटने की जरूरत नहीं है। सावरकर हमारी प्रेरणा हैं। हमारी लड़ाई की प्रेरणा छत्रपति शिवाजी महाराज और वीर सावरकर हैं।' यही नहीं इस बार उद्धव इस मसले पर इतने दबाव में हैं कि उनकी पार्टी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर होने वाली बैठक से भी किनारा कर लिया।













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