5 मई को पहले लद्दाख, फिर 9 मई को सिक्किम में भारतीय सैनिकों से भिड़े थे चीनी जवान
नई दिल्ली। भारतीय सेना की तरफ से दो अलग-अलग जगहों पर चीनी सैनिकों के साथ हुई हाथापाई की पुष्टि कर दी है। कोरोना वायरस महामारी के बीच ही सिक्किम और लद्दाख में चीनी सेना की इस हरकत से हर किसी को साल 2017 में हुई डोकलाम की घटना याद आ गई है। जून 2017 में हुआ डोकलाम विवाद अगस्त में 73 दिन जाकर खत्म हो सका था। चीनी सेना की इस नई हरकत पर कई विशेषज्ञ हैरान हैं और वह इसे कोविड-19 के बीच ध्यान हटाने का जरिया करार दे रहे हैं।

सैनिकों को आई कुछ चोटें
सेना की तरफ से कहा गया है कि आक्रामक चीनी सैनिकों के साथ हुई मुठभेड़ में दोनों तरफ के सैनिकों को चोट आई हैं। पहली घटना पांच मई को लद्दाख की पैगओंग झील पर हुई तो दूसरी घटना नौ मई को सिक्किम के नाकू ला पास के करीब हुई है। सिक्किम का नाकू ला सेक्टर 19,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। नाकू ला में उस समय हाथापाई हुई जब भारतीय और चीनी गश्ती दल शनिवार को दोपहर यहां पर पहुंचे थे। नाकू ला को एक संवेदनशील इलाका माना जाता है। यानी वह क्षेत्र जहां पर आपसी विवाद हो सकता है। यहां पर 10 से 12 सैनिक दोनों तरफ से आमने-सामने आ गए थे और उन्हें हल्की चोटें भी आई हैं।

छह मई को सुलझ सका लद्दाख का मसला
रक्षा प्रवक्ता की तरफ से कहा गया, 'अस्थायी और बहुम कम समय के लिए सीमा पर सुरक्षा करने वाले दल आमने-सामने आ गए थे। दोनों तरफ से सैनिकों का रवैया काफी आक्रामक था। दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई और फिर स्थानीय स्तर पर वार्ता की गई। इसके बाद प्रोटोकॉल के तहत मुद्दों को आपस में सुलझा लिया गया।' पांच और छह मई को ईस्टर्न लद्दाख में पैंगोंग झील मे इसी तरह की घटना हुई थी। कुछ मिनटों तक दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने थी। छह मई को यहां पर जो विवाद शुरू हुआ था उसे सुलझा लिया गया था।

प्रोटोकॉल के तहत सुलझाया गया
रक्षा सूत्रों के मुताबिक लद्दाख में हुई घटना के बाद दोनों पक्षों ने स्थानीय बॉर्डर पर्सनल मीटिंग (बीपीएम) पर हॉटलाइन पर एक-दूसरे से बात की थी। साथ ही स्थानीय कमांडर्स ने मीटिंग्स भी की थीं। इंडियन आर्मी के प्रोटोकॉल के तहत चीन के साथ होने वाले किसी भी आपसी विवाद के मसले को स्थानीय स्थर पर कमांडर के साथ वार्ता करके सुलझाया जाएगा। दोनों पक्ष इस बात पर रजामंद हुए थे कि इन घटनाओं पर अगली हाई लेवल मीटिंग में चर्चा होगी।

LAC पर मतभेद के चलते ऐसी घटनाएं
अधिकारियों की मानें तो लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएएसी) के बीच नजरिए में मतभेद के चलते इस तरह के विवाद होते रहते हैं। सेना सूत्रों की ओर से बताया गया है कि नाकू ला में हुई घटना पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत नहीं है क्योंकि यह बहुत छोटी घटना थी। अगस्त 2017 में जब डोकलाम विवाद समाप्त होने की तरफ था तो उस समय लद्दाख में दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने आ गई थीं। तब जवानों के बीच पत्थरबाजी भी हुई थी।












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