गुजरात विधानसभा चुनाव: नरेंद्र पटेल के बाद निखिल सवानी, दो दिन में डबल अटैक से मुश्किल में भारतीय जनता पार्टी

Recommended Video

    Gujarat Assembly Elections: Nikhil Sawani resigns from BJP, says party bribing Partidar Leaders

    अहमदाबाद। गुजरात में तकरीबन डेढ़ दशक तक राज करने के बाद भारतीय जनता पार्टी यहां चुनाव हारने का जोखिम किसी भी कीमत पर नहीं लेना चाहती है। गुजरात को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गढ़ के तौर पर देखा जाता है, ऐसे में गुजरात में किसी भी तरह का झटका पीएम मोदी की साख पर सवाल खड़ा करेगी, इस बात को ना सिर्फ भाजपा बल्कि खुद प्रधानमंत्री मोदी भी समझते है। इसी के चलते पीएम मोदी यहां किसी भी तरह की कोर कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं और एक महीने के भीतर वह लगातार तीसरी बार गुजरात के दौरे पर पहुंचे हैं। पीएम मोदी के अलावा पार्टी यहां पर अपनी पूरी ताकत झोंक रही है, पार्टी ने हिंदुत्व छवि को भुनाने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी यहां स्टार प्रचारक के तौर पर इस्तेमाल करने का फैसला लिया है। लेकिन जिस तरह से पिछले दो दिनों में भाजपा पर दो बड़े संगीन आरोप लगे हैं उसने पार्टी की उम्मीदों को करारा झटका जरूर दिया है। पहले जहां गुजरात में पाटीदार आंदोलन के बड़े नेता नरेंद्र पटेल ने आरोप लगाया कि भाजपा ने उन्हें एक करोड़ रुपए की घूस देने की कोशिश की ताकि वह भाजपा में शामिल हो जाए तो अब हार्दिक पटेल के करीबी निखिल सवानी जिन्होंने हाल ही में भाजपा का दामन थामा था पार्टी को बड़ा झटका दिया है और उन्होंने भारतीय जनता पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।

    मीडिया के सामने खोली पोल

    मीडिया के सामने खोली पोल

    नरेंद्र पटेल के आरोपों के बाद भाजपा पहले से ही बुरी तरह से घिरी हुई थी, ऐसे में जिस तरह से निखिल सवानी ने पार्टी का दामन छोड़ा है उसने भाजपा की उम्मीदों पर तगड़ा कुठाराघात किया है। नरेंद्र पटेल पाटीदार आंदोलन के बड़े नेता था, लेकिन जिस तरह से उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस करके 10 लाख रुपए मीडिया के सामने दिखाए उसने भाजपा के शीर्ष नेताओं के होश उड़ा दिए। हालांकि नरेंद्र पटेल के आरोपों को पार्टी ने सिरे से खारिज किया है। लेकिन नरेंद्र पटेल अपनी बात पर अडिग हैं, उन्होंने कहा कि उन्हे यह पैसा दो पाटीदार नेता वरुण और रेशमा ने दिया था ताकि मैं भाजपा में शामिल हो जाउं। यह सब नरेंद्र पटेल के भाजपा में शामिल होने के कुछ घंटो बाद ही हुआ। नरेंद्र पटेल हार्दिक पटेल के पाटीदार आंदोलन के बड़े नेता हैं।

    निखिल सवानी साबित हो सकते हैं निर्णायक

    निखिल सवानी साबित हो सकते हैं निर्णायक


    निखिल सवानी ने हाल ने ही में भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा था, लेकिन उन्होंने अब भाजपा पर संगीन आरोप लगाते हुए पार्टी से बाहर होने का फैसला ले लिया। निखिल ने पीएम मोदी की जमकर तारीफ की थी, लेकिन अब उन्होंने भाजपा नेताओं पर घूसखोरी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मैंने सुना है कि भाजपा नेता ने नरेंद्र पटेल को एक करोड़ रुपए की घूस देने की पेशकश की है, इस खबर को सुनने के बाद मैं काफी दुखी हूं, इसी वजह से आज मैं भाजपा छोड़ रहा हूं, मैं नरेंद्र पटेल को बधाई देता हूं, वह बहुत ही छोटे परिवार से आते हैं, बावजूद इसके उन्होंने एक करोड़ रुपए लेने से इनकार कर दिया, भाजपा पाटीदारों को खरीदने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि मैंने भाजपा का साथ इसलिए दिया था क्योंकि उन्हें भरोसा था कि भाजपा ने कुछ बेहतर फैसले लेगी, लेकिन अभी तक इस तरह के कोई फैसले नहीं लिए गए, मुझे भाजपा में शामिल होने के लिए कोई पैसा नहीं दिया गया था, लेकिन अब मैं पार्टी छोड़ रहा हूं क्योंकि ये लोग अपने वायदे पूरे करने की बजाए लोगों को लॉलीपॉप दे रहे हैं। ऐसे में जिस तरह से सवानी ने भाजपा का साथ छोड़ा है वह पार्टी के लिए बड़ा सबब बन सकती है। सवानी दूसरे ऐसे नेता हैं जिन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए पार्टी का दामन छोड़ दिया है, उन्होंने इस बात के भी संकेत दिए हैं कि वह कांग्रेस का साथ दे सकते हैं। सवानी ने कहा कि अगर राहुल गांधी मुझसे मिलना चाहें तो मैं उनसे मिलने के लिए तैयार हूं।

    भाजपा के लिए आसान नहीं होगा उबर पाना

    भाजपा के लिए आसान नहीं होगा उबर पाना


    भाजपा ने नरेंद्र पटेल के आरोपों को सिरे से खारिज किया है और इसे कांग्रेस का षड़यंत्र बताया है। आपको बता दें कि गुजरात में चुनावो की घोषणा अब कभी भी हो सकती है, ऐसे में चुनाव की तारीखों से ठीक पहले जिस तरह से भाजपा को दो दिन के भीतर दो बड़े झटके लगे हैं, उसने पार्टी के सामने बड़ी मुश्किल खड़ी कर दी है। गौरतलब है कि कांग्रेस भी गुजरात के चुनाव में इस बार किसी भी तरह की कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है। खुद राहुल गांधी ने यहां प्रचार अभियान का जिम्मा संभाल रखा है, वह लगातार गुजरात में चुनावी रैलियों को संबोधित कर रहे हैं और पीएम मोदी व केंद्र सरकार पर हमले का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं। वह लगातार पीएम मोदी पर हमलावर हैं, ऐसे में पाटीदार आंदोलन, राहुल गांधी के हमले, जीएसटी, नोटबंदी, अर्थव्यवस्था में मंदी, निवेश में कमी, जीडीपी में गिरावाट, बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर पहले से ही बुरी तरह से घिरी केंद्र सरकार के लिए गुजरात में घूसखोरी के आरोप बड़ी मुश्किल खड़ी कर सकते हैं।

    इसे भी पढ़ें- Gujarat Election 2017: गोधरा में मुस्लिमों से मिले हार्दिक पटेल, बोले- कोई राजनीति पार्टी ज्वाइन नहीं कर रहा

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+