Tripura Election 2023: क्या भाजपा फिर से दोहराएगी इतिहास या लेफ्ट की होगी वापसी
त्रिपुरा में आज सभी 60 विधानसभा सीटों पर मतदान हो रहा है। एक तरफ जहां भाजपा फिर से सत्ता में वपासी करना चाहेगी जबकि दूसरी तरफ लेफ्ट प्रदेश में फिर से अपनी पकड़ को मजबूत करने की कोशिश करेगी।

Tripura Election 2023: त्रिपुरा में आज सभी 60 विधानसभा सीटों पर मतदान हो रहा है, ऐसे में हर किसी की नजर यहां पर टिकी है। इस साल यह पहला विधानसभा चुनाव है, ऐसे में भारतीय जनता पार्टी के लिए यह एक बड़ी परीक्षा है। यहां पर भाजपा-आईपीएफटी गठबंधन की सरकार है। भाजपा का यहां सीधा मुकाबला कांग्रेस और लेफ्ट के गठबंधन के खिलाफ है। कांग्रेस और लेफ्ट के बीच यहां हाल ही में नया गठबंधन हुआ है। हाल ही में बनी तिपरा मोथा पार्टी के साथ कांग्रेस ने यहां गठबंधन किया है।
अगले साल लोकसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में त्रिपुरा भाजपा के लिए अहम राज्य होने वाला है। महज दो साल पुरानी पार्टी से भाजपा को यहां कड़ी चुनौती मिल रही है। आदिवासी इलाकों में त्रिपरा मोथा की पकड़ काफी मजबूत हुई है। त्रिपुरा की 60 में से 20 सीटें आदिवासियों के लिए आरक्षित हैं और यह पूर्वोत्तर राज्यों के लिए काफी अहम मानी जाती हैं। वहीं भाजपा की बात करें तो यहां पर भाजपा आईपीएफटी के बीच पिछले कुछ महीनों से अनबन देखने को मिली है। कई नेता तिपरा मोथा में शामिल हुए हैं।
भाजपा प्रदेश में कुल 55 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि सहयोगी दल आईपीएफटी ने पांच सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। सीपीआईएम यहां 47 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि सहयोगी दल कांग्रेस सिर्फ 13 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। तिपरा मोथा पार्टी ने 42 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। मुख्यमंत्री माणिक साहा को भाजपा ने मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया है, वह टाउन बोर्दोवली से मैदान में हैं, जबकि केंद्रीय मंत्री प्रतिमा भौमिक धानपुर सीट से लड़ रही हैं। सीपीआईएम के प्रदेश सचिव जितेंद्र चौधरी सबरूम सीट से मैदान में हैं। तिपरा मोथा के मुखिया देबबर्मा मैदान में नहीं है।
चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा ने पूर्वोत्तर राज्यों के विकास को कई बार गिनाया है। पिछले पांच सालों में जिस तरह से पूर्वोत्तर राज्यों में विकास हुआ है उसे भाजपा ने अपने प्रचार अभियान में बढ़-चढ़कर बताया। वहीं कांग्रेस और लेफ्ट का आरोप है कि प्रदेश में भाजपा का कुशासन देखने को मिला है। पिछले विधानसभा चुनाव की बात करें तो 2018 में भाजपा ने इतिहास बनाते हुए 25 साल के लेफ्ट के शासन को खत्म किया था। भाजपा ने 36 सीटों पर तो आईपीएफटी ने 8 सीटों पर जीत दर्ज की थी।
इस बार कुल 28.13 लाख वोटर्स जिसमे 13.53 लाख महिलाएं हैं वह प्रदेश के भविष्य को तय करेंगी। प्रदेश में कुल 259 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिसमे 20 महिला उम्मीदवार हैं। आज प्रदेश की सभी सीटों पर मतदान हो रहा है जबकि 2 मार्च को मतों की गणना होगी। अज सुबह 7 बजे से वोटिंग शुरू हो गई है, शाम 4 बजे तक सभी 3337 पोलिंग बूथ पर मतदान होगा। इसमे से 1100 बूथ संवेदनशील हैं, जबकि 28 अति संवेदनशील हैं।












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