कोरोना वायरस के खिलाफ 7 दिनों के भीतर होगा 4 आयुष दवाओं का ट्रायल
नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। देश के कोरोना मरीजों का आंकड़ा 78,000 के स्तर को पार कर गया है। ऐसे में कोरोना का इलाज आयुर्वेदिक दवाओं से करने की भी तैयारी चल रही है। कोरोनो वायरस संक्रमण के इलाज के लिए भारत चार आयुर्वेदिक दवाओं पर काम कर रहा है और जल्द ही परीक्षण शुरू हो जाएगा। आयुष मंत्री श्रीपद नाइक ने यह जानकारी दी।

श्रीपद नाइक ने अपने ट्वीट में लिखा- "कोरोना वायरस के खिलाफ चार आयुष दवाओं को प्रमाणित करने पर आयुष मंत्रालय और CSIR मिलकर काम कर रहे हैं। एक हफ्ते के अंदर परीक्षण शुरू हो जाएगा। इन दवाओं को एड-ऑन थेरेपी (अन्य दवाओं के साथ) के रूप अजंमाया जाएगा।" इनका इस्तेमाल कोविड-19 मरीजों पर एड ऑन थेरेपी और स्टैंडर्ड केयर के तौर पर किया जाएगा। मुझे पूरा यकीन और उम्मीद है कि हमारी परंपरागत औषधीय प्रणाली इस महामारी से निकलने में हमें रास्ता दिखाएगी।'
इससे पहले आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने कहा था कि स्वास्थ्य मंत्रालय, आयुष मंत्रालय और CSIR के साथ मिलकर तीन तरह की स्टडी की गई है। उन्होंने कहा था, "चार दवाइयों पर देशभर में ट्रायल शुरू कर रहे हैं। बहुत बड़े सैंपल साइज पर हम स्टडी कर रहे हैं जो क्वारंटाइन में हैं या हाई रिस्क पॉपुलेशन है। इसमें सैंपल साइज 5 लाख का है। प्रधानमंत्री जी ने इम्युनिटी को लेकर जो सलाह आयुष मंत्रालय की दवाई को लेकर दी उसका असर असेसमेंट 50 लाख लोगों पर कर रहे हैं। चारों दवाई आयुर्वेद की हैं।"
राजेश कोटेचा ने कहा था, "ये ट्रायल देशभर में कई जगहों पर एक साथ करेंगे। प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली ये दवाई हैं, जिसके जरिए ट्रायल किया जाएगा। चार औषधि अश्वगंधा, यष्टिमधु, गुडूची पिप्पली, आयुष-64 हमारा रिसर्च है। इन दवाइयों के जरिए ट्रायल किया जाएगा।"












Click it and Unblock the Notifications