तस्वीरों में देखें: दुर्गा पूजा के 10 निराले नज़ारे
नयी दिल्ली। नौ दिनों तक चलने वाली नवदुर्गा अपने आखिरी पड़ाव की ओर है। महाष्टमी के बाद कल रामनवमी है। माता के पंडालों में लोगों की धूम मची है। पंडालों की सजावट और उसकी भव्यता देखते ही बनती है। पंडालों की सजावट पर खास ध्यान दिया गया है। कहीं परंपरा पर फोकस किया गया है तो कहीं आधुनिकता पर थीम बनाया गया है।
देश के ज्वलंत मुद्दों पर पंडालों की सजावट की गई है। इलाहाबाद में 16 दिसंबर दि ल्ली गैंगरेप को धीम बनाकर पंडाल की सजावट की गई है तो कहीं मंहगाई और भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाया गया है।
पश्चिम बंगाल में दुर्गापूजा के आयोजन की भव्यता किसी से छिपी नहीं है। कोलकाता में बनने वाले दर्जनों पूजा पंडाल दर्शनार्थियों को स्वप्नलोक की सैर पर ले जाते हैं। लेकिन इस बार यहां का एक पंडाल लोगों को अतीत के सफर पर ले जा रहा है। पंडाल में भारतीय सिनेमा के सौ वर्षों के इतिहास को दिखाया गया है। कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल में हिन्दी सिनेमा के 100 साल के सफर को दिखाया गया है।
दरअसल दुर्गा पूजा कमिटियों के पास जहां एक-दूसरे से बेहतर पंडाल बनाने की होड़ होती है तो वहीं नया और कुछ हटकर करने की चाहत। पंडाल की सजावट को माध्यम बनाकर कमिटियां अपनी बात लोगों तक पहुंचाती है। सिर्फ दिल्ली में 1200 दुर्गा पूजा पंडाल बनाए गए है। हर पंडाल की शोभा एक दूसरे से अलग होती है। इस बार उत्तराखंड में आई भीषण तबाही भी पंडालों की सजावटों में मुख्य मुद्दे को तैर पर उभर कर आया है। इलाहाबाद में केदारनाथ और बद्रीनाथ में आई तबाही को पंडाल में सजावट के द्वारा दिखाया गया है।

दिल्ली में दुर्गा पूजा की धूम
माता के पंडालों में लोगों की धूम मची है। पंडालों की सजावट और उसकी भव्यता देखते ही बनती है। पंडालों की सजावट पर खास ध्यान दिया गया है। कहीं परंपरा पर फोकस किया गया है तो कहीं आधुनिकता पर थीम बनाया गया है।

कोलकाता में मां का निराला रुप
देश के ज्वलंत मुद्दों पर पंडालों की सजावट की गई है। इलाहाबाद में 16 दिसंबर दि ल्ली गैंगरेप को धीम बनाकर पंडाल की सजावट की गई है तो कहीं मंहगाई और भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाया गया है।

नवाबी शहर लखनऊ भी पीछे नहीं
पश्चिम बंगाल में दुर्गापूजा के आयोजन की भव्यता किसी से छिपी नहीं है। कोलकाता में बनने वाले दर्जनों पूजा पंडाल दर्शनार्थियों को स्वप्नलोक की सैर पर ले जाते हैं।

चकाचौंध हुआ कोलकाता का पंडाल
कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल में हिन्दी सिनेमा के 100 साल के सफर को दिखाया गया है।

इलाहाबाद में पंडालों की प्रतियोगिता
दिल्ली, कोलकता समेत कई जगहों पर दुर्गा पूजा कमिटियों के बीच पंडालों की सजावट को लेकर प्रतियोगिता आयोजित की जाती है। पूजा के अंत में समिती फैसला करती है कि पंडालों की सजावट प्रतियोगिता में किस पूजा कमिटी ने बाजी मारी।

लखनऊ में मां की अराधना में वेश्याओं ने भी की पहल
सिर्फ दिल्ली में 1200 दुर्गा पूजा पंडाल बनाए गए है। हर पंडाल की शोभा एक दूसरे से अलग होती है। वही लखनऊ में सेक्स वर्करों ने भी दुर्गा पूजा का आयोजन कर भव्य पंडाल बनाया है।

लखनऊ के पंडाल में दिखा उत्तराखंड का दर्द
इस बार दुर्गा पूजा के पंडालों में उत्तराखंड में मची तबाही को भी थीम के तौर पर इस्तेमाल किया गया है। पंडाल के जरिए केदारनाथ की तबाही को दर्शाया गया है।

इलाहाबाद के पंडाल में दिल्ली गैंगरेप का दर्द
देश के ज्वलंत मुद्दों पर पंडालों की सजावट की गई है। इलाहाबाद में 16 दिसंबर दिल्ली गैंगरेप को धीम बनाकर पंडाल की सजावट की गई है तो कहीं मंहगाई और भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाया गया है।

लखनऊ में मां की अराधना
कई जगहों पर पंडाल की सुन्दरा प्रकृतिक चीजों के इस्तेमाल से बढ़ाई गई है। पत्तों, फूलो, और फलो से पंडाल की सजावट की गई है।

कोलकाता की काली बाड़ी में माता का भव्य पंडाल
पश्चिम बंगाल में दुर्गापूजा के आयोजन की भव्यता किसी से छिपी नहीं है। कोलकाता में बनने वाले दर्जनों पूजा पंडाल दर्शनार्थियों को स्वप्नलोक की सैर पर ले जाते हैं।












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