इन 5 कारणों से यूपी ने बदले बिहार के चुनावी समीकरण
लखनऊ। बिहार विधानसभा चुनाव में जिस तरह से भारतीय जनता पार्टी और सहयोगी गठबंधनों ने जबरदस्त प्रदर्शन करती दिख रही हैं उसमें यूपी की अहम भूमिका नजर आ रही है। बिहार का चुनाव में उत्तर प्रदेश ने काफी अहम भूमिका निभायी है। इसकी मुख्य वजह है बिहार के नतीजों का यूपी पर काफी असर पड़ने वाला है।
बिहार चुनाव के लिए जिस तरह से उत्तर प्रदेश में हुई कई घटनाओं को बिहार चुनाव में जमकर उछाला गया और कई नेताओं ने विवादित बयान दिये उसने बिहार चुनाव पर काफी असर डाला है। ऐसे में बिहार चुनाव आगामी आने वाले समय में किस तरह से उत्तर प्रदेश की राजनीति में प्रभाव डालेगी उसे समझना काफी अहम हो जाता है। यूपी और बिहार देश की राजनीति में काफी अहम भूमिका निभाते हैं।
यूपी और बिहार में बीजेपी इसलिए भी अपनी ताकत झोंक रही हैं क्योंकि राज्यसभा में वह अपनी स्थिति को मजबूत करना चाहती है जिससे कि संसद में आने वाली अड़चनों से पार पा सके। आइये ऐसे में नजर डालते उत्तर प्रदेश की भूमिाक पर जिसने बिहार चुनाव काफी अहम रोल अदा किया है।

भोजपुरी वक्ताओं का आयात
बिहार में भोजपुरी भाषा का लोगों से जबरदस्त लगाव है। बीजेपी ने इस बात को समझते हुए पूर्वांचल से काफी बड़ी संख्या में जदयू प्रचार करने के लिए कई भोजपुरी कार्यकर्ताओं को बिहार में बुलाया गया था।

मुलायम ने निभायी अहम भूमिका
मुलायम सिंह यादव बिहार में अपनी स्थिति को बेहतर समझते हुए बिहार में एक वोट काटने वाली पार्टी के तौर पर साबित हुए। मुलायम ने अपनी पूरे लाव लश्कर के साथ वोट काटने में सफल होते दिखे।

मोदी का वाराणसी दौरा
बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले जिस तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी में अपनी सभा की वह काफी निर्णायक लगती है। बनारस बिहार की राजनीति में काफी अहम भूमिका निभाता है जिसे भाजपा के नेता बखूबी समझते हैं।

दादरी बना बड़ा मुद्दा
बिहार चुनाव से पहले जिस तरह से दादरी का मुद्दा खबरों में आया उसने बिहार की राजनीति पर काफी असर डाला। तकरबीन हर दल ने दादरी के मुद्दे को उछाला।

यूपी के विवादित बयान
जिस तरह से यूपी में योगी आदित्यनाथ, साध्वी प्राची सहित कई नेताओं ने विवादित बयान दिया उसने बिहार में वोटों का समीकरण बीजेपी के समर्थन में भूमिका निभायी है।












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