त्रिपुरा हिंसा को लेकर गृह मंत्री अमित शाह से मिले TMC सांसद, शाह बोले- सीएम बिप्लव देब से मांगेंगे रिपोर्ट
त्रिपुरा में हुई हिंसा के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसदों का प्रतिमंडल अमित शाह से मुलाकात करने के लिए दिल्ली पहुंचा है...
नई दिल्ली, 22 नवंबर: त्रिपुरा में हुई हिंसा और पुलिस बर्बरता को लेकर टीएमसी सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल आज गृह मंत्री अमित शाह से उनके आवास पर मिला। प्रतिनिधिमंडल में शामिल टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने बताया कि हमने बैठक के दौरान टीएमसी नेताओं के साथ त्रिपुरा पुलिस की बर्बरता का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बातचीत के दौरान अमित शाह ने कहा कि वह इस मामले पर मुख्यमंत्री बिप्लब देब से बात कर चुके हैं और वह इस पूरे घटनाक्रम पर उनसे रिपोर्ट मांगेंगे।

खेला होबे की हुई नारेबाजी
धरने पर बैठे सांसद 'खेला होबे, खेला होबे, अमित शाह खेला होबे' और 'अमित शाह टाइम क्यों नहीं दे रहे?' के नारे लगा रहे हैं। बता दें कि टीएमसी सांसद गृह मंत्रालय के नॉर्थ ब्लॉक के बाहर धरने पर बैठ गए। हालांकि वहां पर सुरक्षा को और भी कड़ी कर दी गया है।
इसके साथ ही धरने पर बैठे टीएसी सांसद सुखेंदु शेखर रॉय सरकार का कहना है कि त्रिपुरा में गुंडा राज कायम है , जल्द से जल्द यहां की सरकार को बर्खास्त करना चाहिए। हमारे युवा नेता पर झुठा मुकदमा दर्ज किया गया है। इसलिए हम गृह मंत्री से मिलना चाहते हैं।
सायोनी घोष के गिरफ्तार से मचा बवाल
टीएमसी के युवा नेता सयानी घोष की गिरफ्तारी के बाद से टीएमसी और त्रिपुरा पुलिस के बीच विवाद ने गंभीर रूप ले लिया है।बता दें कि सयानी घोष को रविवार को एक जनसभा के दौरान हंगामा करने पर गिरफ्तार किया गया है। इसी गिरफ्तारी के कारण आज टीएमसी के 14 सांसद गृहमंत्री अमित शाह से मिलना चाहते हैं लेकिन उनके नहीं मिलने पर धरने पर बैठ गए हैं।
दो दिन बाद त्रिपुरा में होने हैं चुनाव
बता दें कि 25 नवंबर को त्रिपुरा के अगरतला नगर निगम (एएमसी) और 12 अन्य नगर निकायों के चुनाव होने हैं। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट ने त्रिपुरा में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के दिए थे निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने पहले त्रिपुरा पुलिस अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा था कि किसी भी राजनीतिक दल को शांतिपूर्ण तरीके से राजनीतिक प्रचार के लिए कानून के अनुसार अपने अधिकारों का प्रयोग करने से रोका नहीं जाए।
टीएमसी ने किया ये दावा
टीएमसी ने दावा किया है कि राज्य प्रशासन और पुलिस त्रिपुरा में स्वतंत्र और निष्पक्ष निगम चुनाव नहीं करा रहे हैं, इसलिए कोर्ट को त्रिपुरा के अफसरों के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही करनी चाहिए। हालांकि राज्य पुलिस ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और टीएमसी दोनों को सोमवार को अगरतला में अपनी रैलियों के लिए अनुमति देने से इनकार कर दिया है।
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