अलगावादियों-आतंकियों के सामने जम्मू-कश्मीर का युवा झुकेगा नहीं
जम्मू कश्मीर में आतंकियों और अलगाववादियों को युवाओं का जोरदार तमाचा, पुलिस में भर्ती होने के लिए हजारों लोगों ने किया आवेदन
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के शोपिया में जब सेना के जवान उमर फयाज को हिजबुल मुजाहिद्दीन के आतंकियों ने अपहरण करके मौत के घाट उतार दिया तो आतंकियों को इस बात का भरोसा था कि शायद उनके इस घिनौने कृत्य से लोग खौफ में आ जाएंगे। लेकिन हिजबुल की मंशा के उलट प्रदेश की सुरक्षा एजेंसियों में भर्ती होने के लिए 2000 युवा लड़के और लड़कियों ने आवेदन किया है, ये सभी अभ्यर्थी इस शनिवार को बक्शी स्टेडियम में अपना टेस्ट देंगे।
67218 लोगों ने किया था आवेदन
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक ये सभी अभ्यर्थी शारीरिक क्षमता का टेस्ट देंगे, ये सभी अभ्यर्थी जम्मू-कश्मीर में सब इंस्पेक्टर पद के लिए अपना टेस्ट देंगे। प्रदेश के इन तमाम युवाओं को यहां के आतंकी संगठनों ने धमकी दी है कि अगर इन्होंने सुरक्षा एजेंसी में भर्ती होने का फैसला लिया तो इनके लिए अच्छा नहीं होगा, आतंकियों ने तमाम धमकीभरे वीडियो समय के साथ जारी किए हैं। लेकिन इन सब धमकियों को दरकिनार करते हुए युवाओं ने पुलिस में भर्ती होने के लिए अपना आवेदन किया। जम्मू कश्मीर में सब इंस्पेक्टर के पद पर भर्ती होने के लिए कुल 67218 लोगों नने आवेदन किया था, यह आवेदन कुल 698 पदों के लिए किया गया है।
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6000 कश्मीरी लड़कियों ने किया था आवेदन
इन तमाम 67218 आवेदकों में से 35722 लोग कश्मीर से हैं जबकि 31496 लोग जम्मू के हैं। 6000 कश्मीरी लड़कियों ने इस पर भर्ती होने के लिए आवेदन किया है और इनका फिजिकल टेस्ट होना है। जम्मू-कश्मीर के डीजीपी एसपी वैद ने कहा कि दर्जनों कश्मीरी लड़कियों ने तमाम बाधाओं को तोड़कर इस पद पर भर्ती होने के लिए आवेदन किया है। श्रीनगर से नुसरत जन ने भी इस पद के लिए आवेदन किया है, उनका कहना है कि वह यहां की महिलाओं की मदद करना चाहती है, वह कहती हैं कि मिलिटेंसी के चलते यहां की महिलाओं को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है, इसका समाधान होना चाहिए।
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अलगाववादी सही रास्ते पर नहीं
साइंस ग्रैजुएट मोहम्मद रफीक भट का कहना है कि मुझे इस बात का पता है कि यहां पुलिसवालों को लगातार आतंकियों की ओर से धमकी मिलती है, लेकिन मैं इन सबके बावजूद इनका सामना करने के लिए तैयार हूं। ये मिलिटेंट सही रास्ते पर नहीं है, इनका सही इलाज होना चाहिए। एक और आवेदक रुबीना अख्तर का कहना है कि जम्मू कश्मीर पुलिस में नौकरी उनकी मदद करेगी। एक अन्य आवेदक फरजाना का कहना है कि अगर मेरा सेलेक्शन होता है तो मैं सौभाग्यशाली होंगी, समाज में मुझे सम्मान मिलेगा। सब इंस्पेक्टर के पद के लिए पहले दौर का टेस्ट इस शनिवार को होगा।













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