जानिए कैसे हुआ देश की पहली 20 स्मार्ट सिटीज का सेलेक्शन
नई दिल्ली। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्मार्ट सिटी मिशन के तहत चुने गए पहले 20 शहरों के नामों का ऐलान करेंगें। कड़ी प्रतियोगिता के बीच इन 20 शहरों को सरकार ने स्मार्ट सिटी में तब्दील करने के लिए चुना है।
इस मिशन के तहत सरकार किसी शहर को बदलेगी और फिर उसे एक नया नाम दिया जाएगा। अब से थोड़ी देर बाद इन 20 नामों का ऐलान सरकार की ओर से कर दिया जाएगा।
माना जा रहा है कि दिल्ली के अलावा उत्तर प्रदेश के शहर वाराणसी या फिर लखनऊ को इसमें जगह मिल सकती है। आइए आज आपको इससे जुड़े कुछ तथ्यों के बारे में बताते हैं।

अगस्त में हुआ था एक कॉम्पटीशन
इन 20 शहरों को अगस्त में राज्यों के बीच हुए एक कॉम्पटीशन के तहत चुना गया है। देश के 97 शहर इसमें शामिल थे।

इंफ्रास्ट्रक्चर और सर्विसेज अहम
स्मार्ट सिटी का तमगा हासिल करने के लिए शहरों को कई मानकों जैसे सर्विस लेवल, इंफ्रास्ट्रक्चर और ट्रैक रिकॉर्ड पर खरा उतरना काफी अहम था। राज्यों की ओर से आए प्रस्तावों को उनकी योजना की वास्तविकता के आधार पर भी जज किया गया था।

आएगा राउंड टू
जिन शहरों के नाम इस 20 शहरों की लिस्ट में शामिल नहीं होंगे उन्हें फिर से अपनी कमियों को दूर कर उन पर काम करने के लिए कहा जाएगा। इन शहरों को आगे आने वाले स्मार्ट सिटी मिशन के राउंड टू के लिए तैयार रहने को कहा जाएगा।

उच्च स्तर वाला जीवन
मिशन के तहत देश के हर राज्य को कम से कम एक स्मार्ट सिटी जरूर मिलेगी। पीएम मोदी ने कहा था कि देश में हर शहर ऐसा होना चाहिए जहां पर जीवन का स्तर किसी भी विकसित यूरोपियन शहर की तुलना में उच्च होना चाहिए।

सरकार का वादा
केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वैंकेया नायडू ने बुधवार को कहा कि इन शहरों को इस तरह से विकसित किया जाएगा कि इनमें मूलभूत सुविधाएं मौजूद हों साथ ही 24 घंटे बिजली और पानी की आपूर्ति भी होती रहे। सफाई और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा। ई-गर्वनेंस और नागरिकों की भागीदारी भी हर पल तय की जाएगी।

सबसे ज्यादा होंगी यहां स्मार्ट सिटीज
देश के सबसे बड़े और सबसे ज्यादा जनसंख्या वाले राज्य उत्तर प्रदेश को इस मिशन के तहत सबसे ज्यादा यानी 13 स्मार्ट सिटीज मिलेंगी। वैसे यह राज्य बीजेपी के लिए वर्ष 2017 में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए भी काफी अहम है।

मध्य प्रदेश, गुजरात और कर्नाटक का भी पूरा ध्यान
सरकार ने तमिलनाडु के लिए 12, महाराष्ट्र के लिए 10, मध्य प्रदेश के लिए सात और गुजरात और कर्नाटक के लिए छह-छह स्मार्ट सिटीज की योजना तय कर रखी है।

अगले पांच वर्ष में तीन लाख करोड़
सरकार इन स्मार्ट सिटीज में अगले पांच वर्षों में तीन लाख करोड़ रुपए निवेश करेगी जिसकी मदद से इन सिटीज में वर्ल्ड क्लास् इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यावरण और स्मार्ट सॉल्यूशंस मुहैया कराया जाएगा।

बदलनी है देश 100 शहरों की सूरत
सरकार के इस मिशन का मकसद आने वाले समय में देश के 100 बड़े और छोटे शहरों की सूरत बदलना है। इस योजना को पीएम मोदी ने वर्ष 2015 में लांच किया था।












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