J&K: आतंकियों ने की थी जंग की तैयारी, सेना ने भारी मात्रा में बरामद किया हथियार और गोला बारूद
नई दिल्ली। कोरोना संकट के बीच जम्मू-कश्मीर में छिपे आतंकियों को उनके बिल से निकालने के लिए सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन को और तेज कर दिया है। शनिवार को तुलैल इलाके में किशनगंगा नदी में दो आतंकियों के शव मिलने के बाद भारतीय सेना के जवान आस-पास के इलाकों में संदिग्धों की तलाश में छापेमारी कर रहे हैं। रविवार को किए गए सर्च ऑपरेशन में भारतीय सेना के चिनार कॉर्प्स को बड़ी सफलता मिली है। दी गई जानकारी के मुताबिक चिनार कॉर्प्स के जवानों को हथियार, गोला बारूद और जंग के सामान मिले हैं।

गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में लगभग हर दो दिन बाद सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ी की खबरें सामने आ रही है। कोरोना वायरस महामारी के बीच पाकिस्तान सीजफायर की आड़ में सीमा पार से आतंकियों को भारत में घुसाने के प्रयास में रहता है। हालांकि हर बार उसे मुंह की खानी पड़ती है। गत शनिवार को किशनगंगा नदी से दो आतंकियों के शव बरामद होने के बाद इलाके में एक संयुक्त सर्च अभियान चलाया। भारतीय सेना के चिनार कॉर्प्स ने बताया कि 30 अगस्त को, बारामूला जिले के रामपुर सेक्टर में नियंत्रण रेखा (LOC) के साथ संदिग्ध व्यक्तियों की आवाजाही का पता चला है।
लश्कर के तीन मददगार गिरफ्तार
हाल ही में सुरक्षाबलों ने जम्मू-कश्मीर के बारामुला के पाटन इलाके में गुरुवार को स्थानीय पुलिस ने लश्कर-ए-तैयबा के लिए काम करने वाले तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने जांच में उनके पास से 3 हैंड ग्रेनेड और भड़काऊ सामान बरामद किए हैं। बताया जा रहा है कि सभी आरोपी लश्कर-ए-तैयबा के ओवरग्राउंड वर्कर हैं। इससे पहले पुलिस ने आतंकियों की एक खतरनाक योजना का पर्दाफाश किया था। पुलिस ने बताया कि सीमा पार से मिले निर्देश के बाद घाटी में छिपे आतंकियों ने हिट लिस्ट तैयार की थी जिनमें कई नेताओं, ऐक्टिविस्ट्स और सुरक्षाकर्मियों के नाम शामिल हैं।
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