राजीव गांधी के हत्यारों पर 'सुप्रीम फैंसला' देगी संविधान पीठ

गौरतलब है यह आदेश चीफ जस्िटस पी सदशिवम के आखिरी कार्यकाल में दिया गया है। तमिलनाडु की जयललिता सरकार के उस निर्णय को चुनौती दी गई है, जिसके तहत राजीव गांधी की हत्या के सात दोषियों की रिहाई की बात कही गई थी। अब संविधान पीठ यह तय करेगी कि जयललिता-केंद्र की सिफारिशों में किसका मत न्यायसंगत है।
तमिलनाडु सरकार ने इन सातों दोषियों को रिहा करने का फैसला किया था, लेकिन केंद्र सरकार ने कहा था कि तमिलनाडु सरकार ऐसा नहीं कर सकती, क्योंकि इस केस की जांच सीबीआई ने की थी और बिना उसकी इजाजत के ऐसा नहीं किया जा सकता। साथ ही केंद्र सरकार ने कहा था कि राजीव गांधी की हत्या बेहद गंभीर और जघन्य अपराध है और इसके लिए दोषियों को माफ नहीं किया जा सकता।
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इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने 18 फरवरी को दिए अपने फैसले में राजीव गांधी हत्याकांड के तीन दोषियों - मुरुगन, सांथन और पेरारिवलन की फांसी की सजा रद्द कर दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने इनकी दया याचिकाओं में जरूरत से ज्यादा वक्त लेने का कारण बताया था।
इसी फैसले के बाद तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता ने दोषियों की रिहाई का आदेश दिया था, जिस पर केंद्र सरकार की याचिका के बाद सुप्रीम कोर्ट ने स्टे लगा दिया था। यह फैसला आज सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस पी सताशिवम के कार्यकाल के आखिरी दिन आएगा। गौरतलब है राजीव गांधी की हत्या से जुड़ा यह फैंसला सिर्फ गांधी परिवार ही नहीं, पूरे देश के लिए विशेष अहमियत रखता है।












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