इन तीन आंकड़ों में छिपा है मोदी की विराट जीत का सारा सीक्रेट

नई दिल्ली- अगर सीटों के लिहाज से सोचते हैं, तो इसबार नरेंद्र मोदी की जीत में 21 सीटों का इजाफा हुआ है। लेकिन, असल में यह जीत उससे कहीं बड़ी है, जिसे बहुत गहराई से समझकर ही परखा जा सकता है। आइए समझते हैं किन तीन आंकड़ों को देखने से साफ हो जाता है कि मोदी की जिस विशाल जीत की चर्चा हो रही है, दरअसल उसका आधार कितना बड़ा और भव्य है।

पूर्ण बहुमत वाली सीटों में भारी इजाफा

पूर्ण बहुमत वाली सीटों में भारी इजाफा

2014 की मोदी लहर (Modi Wave) में बीजेपी (BJP) को 136 लोकसभा सीटों पर 50 फीसदी से ज्यादा वोट मिले थे। लेकिन, 2019 में यह आंकड़ा 224 सीटों तक पहुंच गया है। किसी सीट पर 50 फीसदी वोट मिलना कितना महत्वपूर्ण है, यह इसी से पता चलता है कि संविधान में संसद या विधानसभाओं अथवा किसी भी स्थानीय निकायों में बहुमत की सरकार बनाने के लिए 50% सीटों से ज्यादा होने की शर्त लगाई गई है। इसी तरह 50% से ज्यादा वोट का मतलब है कि साधारण नहीं, बल्कि पूर्ण बहुमत वाला वोट। यही नहीं अगर बीजेपी को मिले कुल वोट को भी देंखें तो 2019 में उसमें 6.4% की बढ़ोतरी हुई और अब यह बढ़कर 37.4% तक पहुंच चुकी है। यह आंकड़ा कांग्रेस को मिले 19.5% कुल वोट से लगभग दोगुना है।

बीजेपी ने जीत में ऐसे किया डॉमिनेट

बीजेपी ने जीत में ऐसे किया डॉमिनेट

2019 में मोदी लहर का प्रभाव इस कदर रहा कि गुजरात, दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान में वह क्लीन स्वीप कर गई। गुजरात, दिल्ली, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में पार्टी ने इस तरह से बाकी पार्टियों पर डॉमिनेट किया है कि उसकी जीत का कम से कम मार्जिन भी लाखों में रहा है। मसलन गुजरात में जीत का सबसे कम मार्जिन 1.30 लाख, दिल्ली एवं उत्तराखंड में 2.30 लाख और तो हिमाचल प्रदेश में यह आंकड़ा 3.30 लाख का रहा है।

सभी 5 टॉप मार्जिन से जीतने वाले बीजेपी के सांसद

सभी 5 टॉप मार्जिन से जीतने वाले बीजेपी के सांसद

इसबार सभी 5 टॉप मार्जिन से जीतने वाले सांसद बीजेपी के ही हैं। इनमें में से 4 सांसदों की जीत का फासला 6 लाख वोटों से भी ज्यादा का है और सिर्फ 1 का 6 लाख से थोड़ा कम। इनमें सबसे ज्यादा वोटों से जीतने वाले सीआर पाटिल (CR Patil) ने गुजरात के नवसारी (Navsari) में अपने नजदीकी उम्मीदवार को 6 लाख 89 हजार 668 वोटों से हराया है। दूसरे नंबर हरियाणा की करनाल (Karnal) सीट से जीतने वाले संजय भाटिया (Sanjay Batia) हैं, जो 6 लाख 56 हजार 142 वोटों से जीते हैं। तीसरे नंबर पर भी हरियाणा की फरीदाबाद (Faridabad) से जीतने वाले केंद्रीय मंत्री कृष्ण पाल (Krishan Pal) हैं, जो 6 लाख 38 हजार 239 वोटों से जीते हैं। चौथे नंबर पर भीलवाड़ा (Bhilwara) राजस्थान से सुभाष चंद्र बहेड़िया (Subhash Chandra Baheria) हैं, जिनकी जीत का मार्जिन 6 लाख 12 हजार रहा है। पांचवें नंबर पर गुजरात की वडोदरा (Vadodara) सीट से जीतने वाली रंजनबेन भट्ट (Ranjanben Bhatt) हैं, जिन्होंने अपने नजदीकी प्रत्याशी को 5 लाख 89 हजार 177 वोटों से हराया है।

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