BJP के स्टार प्रचारकों ने डुबोई पार्टी की लुटिया, जहां की थी विवादित टिप्पणी वहीं से मिली सबसे बड़ी हार
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे आ चुके हैं और एक बार फिर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (आप) ने प्रचंड जीत हासिल की है। चुनाव प्रचार के दौरान किसी को अंदाजा नहीं था कि 'आप' फिर से 60 से ज्यादा सीटों पर जीत दर्ज कर सकेगी। लेकिन हुआ उसके उलट, केजरीवाल की पार्टी ने चुनाव में 62 सीटें अपने नाम कीं। वहीं, शाहीनबाग और विकास के मुद्दे पर केजरीवाल सरकार के घेरने वाली भारतीय जनता पार्टी को बुरी शिकस्त का सामना करना पड़ा है।

पीएम मोदी भी नहीं आए काम
हैरानी की बात यह है कि जिन विधानसभा क्षेत्रों में बीजेपी ने अपने स्टार दिग्गजों को चुनाव प्रचार में उतारा था वहां से भी पार्टी को बड़ी हार का सामना करना पड़ा है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण द्वारका विधानसभा क्षेत्र है जहां खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बड़ी रैली को संबोधित किया था। हालांकि उन्होंने कोई विवादित बयान नहीं दिया था लेकिन चुनाव नतीजों के दिन पता चला कि उस सीट से 'आप' नेता विनय मिश्र बड़ें अंतर से जीत दर्ज की है। सिर्फ पीएम मोदी ही नहीं बीजेपी के कई और दिग्गजों ने जहां रैलियां की वहां से पार्टी को निराशा ही हाथ लगी।

सीएम योगी आदित्यनाथ का भी नहीं चला जादू
भारतीय जनता पार्टी को सबसे ज्यादा सीटों का नुकसान उन क्षेत्रों में हुआ है जहां उनके स्टार प्रचारकों ने विवादित टिप्पणी की थी। इनमें सबसे बड़ा नाम उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का है। उन्होंने दिल्ली के कई स्थानों पर ताबड़तोड़ रैलियां कि जिनमें से पार्टी को सिर्फ तीन सीटों पर ही जीत मिली और बाकि में बड़ी हार। सीएम योगी ने चार दिनों तक चले अपने व्यस्त अभियान के दौरान, उन्होंने पटपड़गंज, किरारी, महरौली, उत्तम नगर, द्वारका, तुगलकाबाद, विकासपुरी, रोहिणी, करावल नगर, जहाँगीरपुरी और बदरपुर में भाजपा उम्मीदवारों के लिए रैलियों को संबोधित किया।

सीएम योगी ने दिया था ये विवादित बयान
इनमें से बीजेपी ने बदरपुर, करावल नगर और रोहिणी में जीत दर्ज की जहां से भाजपा के रामवीर सिंह बिधूड़ी, मोहन सिंह बिष्ट और विजेंदर गुप्ता विजयी हुए। बाकि सभी सीटों पर बीजेपी को बड़ा नुकसान हुआ। बता दें कि सीएम योगी ने 'आप' सरकार पर आरोप लगाया था कि वह शहीन बाग में प्रदर्शनकारियों को 'बिरयानी' पहुंचा रही है। इसके लिए चुनाव आयोग ने उन्हें नोटिस जारी किया था।

अनुराग ठाकुर और परवेश वर्मा ने दिया था विवादित बयान
सीएम योगी के बाद नाम आता है केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और सांसद परवेश वर्मा का जिन्होंने रैली के दौरान विवादित बयान दिया था। जनकपुरी में एक रैली को संबोधित करते हुए परवेश वर्मा ने कहा था, 'कश्मीर में कश्मीरी पंडितों के साथ जो हुआ वह दिल्ली में भी हो सकता है। लाखों लोग शाहीन बाग में इकट्ठा होते हैं, वे घरों में घुस सकते हैं, बलात्कार कर सकते हैं और अपनी बहनों और बेटियों को मार सकते हैं। लोगों को अब फैसला करने की जरूरत है।' विवादित टिप्पणी के बाद उनकी काफी आलोचना हुई थी और नतीजो में जनकपुरी से भाजपा प्रत्याशी आशीष सूद 14,917 वोटों से हार गए।

कपिल मिश्रा ने अपने पैर पर मारी कुल्हाड़ी
वहीं, केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर का 'गोली मारो' बयान तो आपको याद ही होगा। रिठाला में एक रैली के दौरान अनुराग ठाकुर ने कहा था 'देश के गद्दारों को गोली मारो'। इस बयान के बाद उस सीट से आप के प्रत्याशी मोहिंदर गोयल ने भाजपा के मनीष चौधरी को 13,817 वोटों से हराया। ऐसा ही कुछ मॉडल टाउन सीट पर हुई जहां से बीजेपी उम्मीदवार कपिल मिश्रा को भी हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने भी चुनाव की तुलना 'भारत बनाम पाकिस्तान मैच' से किया था जिसके लिए चुनाव आयोग ने उनके प्रचार पर रोक लगा दी थी।
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