कोरोना का प्रकोप कम हो गया, फिर सरकार क्यों कह रही है दूसरी लहर खत्म नहीं हुई ? जानिए
नई दिल्ली, 5 जुलाई: आज से ठीक दो महीने पहले देश में एक दिन में कोरोना के 4.12 लाख मामले सामने आए थे। वह दूसरी लहर की चरम का दौर था। आज की तारीख में रोज के मामले 40,000 या उससे भी नीचे आ रहे हैं। जब दूसरी लहर में भारत में कोरोना का कहर चरम पर पहुंच चुका था तो देश में ऐक्टिव केस की कुल संख्या 37.41 लाख से ज्यादा हो गई थी। अब यह संख्या 4.77 तक आ चुकी है। यह वही संख्या है, जो दूसरी लहर की भयानकता से पहले 27 मार्च से पहले दर्ज की गई थी। लेकिन, फिर भी सरकार कह रही है कि कोरोना की दूसरी लहर अभी खत्म नहीं हुई है। ऐसा क्यों ?

कुछ राज्यों में आ रहे हैं कोविड के ज्यादा केस
देश के कई राज्यों ने कोविड से जुड़ी पाबंदियो में ताबड़-तोड़ छूट दी है। लेकिन, बीते शुक्रवार को ही केंद्र सरकार ने आगाह किया है कि कोविड-19 की दूसरी लहर अभी तक खत्म नहीं हुई है। नीति आयोग के सदस्य डॉक्टर वीके पॉल ने कहा है, 'हम तब तक सुरक्षित नहीं हैं, जब तक पूरा देश सुरक्षित नहीं है।' उन्होंने ऐसा इसलिए कहा है, क्योंकि 6 राज्यों में अभी भी तुलनात्मक रूप में ज्यादा केस सामने आ रहे हैं। ये राज्य हैं- केरल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा और मणिपुर। गौरतलब है कि दूसरी लहर खत्म नहीं होने की बात ऐसे समय में कही जा रही है जब कुछ स्वास्थ्य विशेषज्ञ अगस्त महीने के आखिर तक तीसरी लहर आने का भी अनुमान जताने लगे हैं।

वैरिएंट ऑफ कंसर्न ने बढ़ाई चिंता ?
आज की तारीख में देश में केस पॉजिटिविटी रेशियो घटकर 3 फीसदी से भी कम आ चुकी है और वीकली पॉजिटिविटी रेशियो भी 3 फीसदी से ठीक ऊपर ही है। हालांकि, पूरे देश में 71 जिले अभी भी ऐसे हैं, जहां केस पॉजिटिविटी रेशियो 10 फीसदी से अधिक हैं। ऐसे में सवाल है कि क्या यही कारण है कि सरकार दूसरी लहर से उबरने की बात कहने को तैयार नहीं है या फिर डेल्टा प्लस वैरिएंट की वजह से उसकी चिंता बढ़ी हुई है? वैसे, यदि तथ्य देखें तो 30 जून तक के आंकड़ों के मुताबिक देश मे डेल्टा प्लस के सिर्फ 56 मामले ही सामने आए थे। लेकिन, दिक्कत ये है कि हो सकता है कि यह इसका सही आंकड़ा नहीं हो। क्योंकि, हर सैंपल का जीनोम मैपिंग तो किया नहीं गया है।

अबकी बार कोई जोखिम नहीं लेना चाहती सरकार
डेल्टा प्लस वैरिएंट के मामले देखने में जरूर कम लग रहे हैं, लेकिन चिंता की बात ये है कि यह अभी भी वैरिएंट ऑफ कंसर्न बना हुआ है। क्योंकि 56 केस देश के 12 अलग-अलग राज्यों में सामने आए हैं। इसलिए केंद्र सरकार ने चेतावनी जारी की है कि कोविड की दूसरी लहर अभी खत्म नहीं हुई है। उसने 6 राज्यों में डक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की एक टीम भेजी है, जो मौके पर सही स्थिति का जायजा लेगी और कोरोना को नियंत्रण में रखने के लिए उचित सलाह देगी। केंद्र सरकार ने राज्यों से उन जिलों की पहचान करने को कहा है, जहां वीकली केस पॉजिटिविटी रेशियो 10 फीसदी से ऊपर है और अस्पतालों में 60 फीसदी से ज्यादा बेड भरे हुए हैं। केंद्र सरकार ने ऐसे जिलों में ट्रांसमिशन की चेन रोकने के लिए दो हफ्तों के लिए जरूरी पाबंदी लगाने की सलाह भी दी है।












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