एयरपोर्ट से 2100 मीटर क्षेत्र तक नहीं मिलेगी 5G सुविधा, जानिए दूरसंचार विभाग का नया आदेश
एयरपोर्ट से 2100 मीटर क्षेत्र तक 5जी की सुविधा नहीं मिलेगी। क्योंकि दूरसंचार विभाग ने रनवे से 2100 मीटर दूर तक कोई भी 5जी साइट नहीं इंस्टाल करने का आदेश दिया है।
दूरसंचार विभाग (DoT) ने टेल्कोस को भारत के सभी हवाई अड्डों पर रनवे से 2100 मीटर के क्षेत्र में 3,300-3,670 मेगाहर्ट्ज बैंड में कोई 5G साइट स्थापित नहीं करने का निर्देश दिया है। क्योंकि इस दायरे में विमान रेडियो अल्टीमीटर के साथ इंटरफेस करता है। विभाग की तरफ से यह आदेश विमान संचालन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दिया गया है।

जानकारी के मुताबिक विभाग की तरफ से इस गाइडलाइंस का पालन करने के लिए रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया को पत्र भी लिखा गया है। जिसमें कहा गया है कि 2.1 किलोमीटर की सीमा के बाद 5जी बेस स्टेशन 540 मीटर की परिधि में स्थापित किए जा सकते हैं, लेकिन बिजली उत्सर्जन को 58 डीबीएम/मेगाहर्ट्ज तक सीमित करना होगा।
Department of Telecommunications (DoT) has directed Telcos not to install any 5G sites in the 3,300-3,670 MHz band in the area of 2100 meters from runways at all airports in India, as it interferes with aircraft radio altimeters.
— ANI (@ANI) November 30, 2022
दूर संचार विभाग के इस आदेश का मतलब है कि ग्राहक हवाई अड्डों के आसपास के क्षेत्रों में 5G का उपयोग नहीं कर पाएंगे। उदाहरण के तौर पर दिल्ली के IGI हवाई अड्डे के आसपास के क्षेत्रों जैसे वसंत कुंज और द्वारका को 5G नेटवर्क नहीं मिलेगा। इसके अलावा दूरसंचार विभाग ने दूरसंचार प्रदाताओं से 5G बेस स्टेशनों को इस हद तक नीचे की ओर झुकाने को भी कहा है। विभाग की तरफ से ऐसा इसलिए कहा गया है ताकि 5G उत्सर्जन रेडियो अल्टीमीटर के साथ हस्तक्षेप न करें।
आपको बता दें कि रडार अल्टीमीटर फ़्रीक्वेंसी बैंड के साथ 5G फ़्रीक्वेंसी हस्तक्षेप विमान संचालन के लिए एक चिंता का विषय है। इसको लेकर यूएस फ़ेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेटर (FAA) ने जनवरी में चेतावनी भी दी थी। एफएए की तरफ से कहा गया था कि C स्पेक्ट्रम बैंड में 5G सिग्नल विमान अल्टीमीटर सिस्टम में हस्तक्षेप कर सकते हैं। गौरतलब है कि देश में 5जी की शुरुआत बीते महीने की गई थी। अब तक रिलायंस जियो और एयरटेल की तरफ से भारत के कई बड़े शहरों में इस सुविधा की शुरुआत भी की जा चुकी है।
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