Telangana: वो तकनीकी जिसने 20 लाख लोगों को राशन कार्ड के लाभ से किया वंचित, रेड्डी सरकार ने फिर अपनाई
समग्र वेदिका सरकारी योजनाओं में फर्जी आवेदकों का पता लगाने और लाभार्थियों की सटीक पहचान तेलंगाना सरकार द्वारा विकसित एक एकीकृत मंच है। इसके जरिए सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों की पहचान की जा सकती है। मी सेवा पोर्टल (Mee Seva Portal) के माध्यम से राशन कार्ड के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। हलांकि इस बीच दावा ये किया जा रहा है कि सरकार ने 20 लाख राशन कार्ड निरस्त कर दिए हैं।
रिपोर्ट में सवाल उठाए गए हैं कि कैसे समग्र वेदिका एल्गोरिदम ने भारत के तेलंगाना में हजारों गरीबों को भोजन से वंचित कर दिया। इसके उपयोग राज्य के निवासियों को डिजिटल रूप से प्रोफाइल करने के लिए किया जाता है। जबकि इस पोर्टल के चलते हजारों लोगों को राज्य की कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित होने पड़ा।

वहीं रिपोर्ट में कहा गया है कि एल्गोरिदम गलत हो गया, जिससे हजारों वैध लाभार्थियों को सब्सिडी वाले भोजन सहित कल्याणकारी योजनाओं से बाहर कर दिया गया। ऐसा दोषपूर्ण डेटा और उनकी आय के बारे में गलत भविष्यवाणियों के कारण हुआ। दरअसल, 2016 से 20 लाख राशन कार्डों को मनमाने ढंग से हटा दिया गया था। ऐसे में बिस्मिल्लाह बी जैसे गरीब व्यक्तियों के पात्र होते हुए भी योजना का लाभ नहीं मिला। बाद में उनके पति की कैंसर से मृत्यु हो गई। आरोप है कि पोर्टल के अंतर्गत लोगों को अपनी पात्रता साबित करने में महत्वपूर्ण चुनौतियों का सामना करना पड़ा है।
जबकि अब एक बार फिर से नए राशन कार्ड जारी करने के लिए सरकार उसी तकनीक का उपयोग कर रही है। सरकार ने तेलंगाना के इच्छुक नागरिकों को फरवरी के अंत तक मी सेवा पोर्टल के माध्यम से राशन कार्ड के लिए आवेदन करने के लिए कहा है।












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