तेलंगाना चुनाव: बागियों के नामांकन वापस लेने के बाद कांग्रेस ने राहत की ली सांस, जानें कैसे हुआ ये संभव
तेलंगाना विधानसभा चुनाव 2023 में सत्तारूढ़ बीआरएस और कांग्रेस के बीच कड़ा चुनावी मुकाबला होने की उम्मीद है। वहीं इस सबके बीच नामांकन वापसी के आखिरी दिन कांग्रेस के अधिकांश बागी नेताओं ने नामांकन वापस ले लिया है जिसके बाद पार्टी ने राहत की सांस ली है। 15 नवंबर को अधिकांश बागी उम्मीदवारों ने कांग्रेस पार्टी नेताओं के घंटों के मान मुनौव्वल के बाद विधानसभा चुनाव से अपना नामांकन वापस ले लिया।

सूर्यापेट के बागी रमेश रेड्डी ने लोकसभा टिकट के वादे के बाद अपना नामांकन वापस लेने को तैयार हुए, जिसके बाद उनके समर्थकों ने नेता मल्लू रवि और रोहित चौधरी पर हमला किया।
15 नवंबर को नामांकन लेने का आखिरी तारीख थी जैसे जैसे समय बीत रहा था कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ती जा रही थी और टिकट ना मिलने से नाराज विद्रोहियों ने नामांकन से पीछे हटने से इनकार कर दिया था। वहीं पार्टी के नेताओं ने उन्हें कई वादों के साथ मनाने की खूब कोशिश की तो जिसके बाद कांग्रेस को अंतत: काफी मशक्कत के बाद अधिकांश बागी नेताओं को मनाने में कामयाबी हासिल कर ली।
सूर्यापेट में काफी भी घंटों ड्रामा हुआ क्योंकि टीपीसीसी नेताओं मल्लू रवि और रोहित चौधरी ने कांग्रेस के बागी पटेल रमेश रेड्डी को चुनाव मैदान से हटने से इनकार कर दिया था। इन्होंनेऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक के उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन पर्चा दाखिल किया था।
कांग्रेस नेता जब रमेश रेड्डी के साथ बातचीत कर रहे थे। तब कांग्रेस नेता को उनके समर्थकों के गुस्से का सामना करना पड़ा, कार्यकर्ताओं में उस कमरे पर पथराव किया जहां वे रमेश रेड्डी के साथ बातचीत कर रहे थे। रमेश रेड्डी लंबे समय तक अपनी बात पर अड़े रहे अंत में उन्होंने कांग्रेस पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल, सांसद उत्तम कुमार रेड्डी और टीपीसीसी अध्यक्ष ए रेवंत रेड्डी से बात की और अंत में रमेश रेड्डी को नलगोंडा लोकसभा सीट से टिकट देने का वादा किया।
दोनों ने उन्हें एक पत्र भी दिखाया जिसमें उत्तम रेड्डी ने नलगोंडा निर्वाचन क्षेत्र के लिए रमेश रेड्डी के नाम की सिफारिश की थी। रमेश रेड्डी नरम पड़ गए, लेकिन पत्रकारों के सामने रो पड़े क्योंकि उन्होंने एक विद्रोही के रूप में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया है।
वहीं रोहित चौधरी और रवि रमेश रेड्डी के घर से निकले तो उनके समर्थकों ने अपने नेता को टिकट देने से इनकार करने पर रवि के साथ मारपीट की। मारपीट के बाद रवि और चौधरी वहां से चले गए। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि हमल करने वाले रमेश रेड्डी के समर्थक नहीं बीआरएस के समर्थक थे।












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