Telangana election: तेलंगाना के लोगों से मतदान से पहले कांग्रेस ने क्यों कहा सॉरी?

तेलंगाना विधानसभा चुनावों से पहले तेलंगाना आंदोलन का मुद्दा फिर से गरमाया हुआ है। इसको लेकर सीएम केसीआर और उनकी पार्टी बीआरएस लगातार कांग्रेस को निशाने पर ले रही है। लेकिन, इसके जवाब में कांग्रेस ने रक्षात्मक रुख अपना लिया है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने गुरुवार को तेलंगाना राज्य आंदोलन के दौरान हुई मौतों के लिए माफी मांगी है और खेद जताया है।

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राज्य बनाना बच्चों का खेल नहीं- कांग्रेस
हैदराबाद में मीडिया वालों से बात करते हुए चिदंबरम ने गुरुवार को कहा कि राज्य बनाना या राज्य का विभाजन करना बच्चों का खेल नहीं है और यह लोगों के आंदोलन की वजह से ही बना है।

हमें खेद है- कांग्रेस
कांग्रेस नेता ने कहा, 'आत्महत्या एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। जन आंदोलन में प्रदर्शन के दौरान अगर लोगों की जान गई है.....तो हमें इसके लिए खेद है। लेकिन, आप इसके लिए केंद्र सरकार (तत्कालीन) को जिम्मेदार नहीं ठहरा सकते।' उन्होंने यह भी कहा है कि तेलंगाना जनता के आंदोलन की वजह से बना है।

बता दें कि सीएम के चंद्रशेखर राव का आरोप है कि पूर्व की यूपीए सरकार ने तेलंगाना के गठन में देरी की थी, जिसके चलते लोगों की जाने गईं।

हालांकि, कांग्रेस नेता ने बीआरएस सरकार पर आरोप लगाया है कि केसीआर के कार्यकाल के दौरान तेलंगाना में 4,000 से ज्यादा आत्महत्याएं हुईं हैं और पूछा है कि इसका जिम्मेदार कौन है?

'केसीआर सरकार के कार्यकाल में हुई 4,000 आत्महत्याओं का जिम्मेदार कौन?'
पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री ने पूछा, 'मूल आंध्र प्रदेश की तरह एक आंदोलन के बाद एक राज्य बना है। जन आंदोलन की वजह से एक राज्य का विभाजन हुआ। अगर कुछ जानें गई हैं, तो हमें उसके लिए खेद है। लेकिन, केसीआर की सरकार के समय तेलंगाना में हुई 4,000 आत्महत्याओं का क्या? उन खुदकुशियों का जिम्मेदार कौन है?'

केसीआर ने तेलंगाना आंदोलन में मौतों के लिए कांग्रेस को ठहराया है जिम्मेदार
अपनी चुनावी रैलियों में केसीआर कांग्रेस की पिछली सरकार पर तेलंगाना के गठन में देरी का आरोप लगा रहे हैं। उनका आरोप है कि जब उन्होंने अनिश्चितकालीन भूखड़ताल किया तो पहले यूपीए सरकार इसके लिए तैयार हो गई थी, लेकिन बाद में पीछे हट गई। उनके मुताबिक यूपीए सरकार ने इसे तब पूरा किया, जब भारी विरोध शुरू हो गया। राव का आरोप है इसी देरी की वजह से राज्य के आंदोलन में लोगों की जानें गईं।

'तो लोग चुनावों में उन्हें जवाब देंगे'
चिदंबरम ने यह भी कहा है कि उस आंदोलन में ही केसीआर प्रमुख नेता बनकर उभरे जिसके चलते आज वह मुख्यमंत्री हैं। उन्होंने कहा,'मुझे उम्मीद है कि केसीआर ये नहीं कह रहे हैं कि इससे लोगों का कुछ भी लेना-देना नहीं है और मैंने तेलंगाना लिया....मुझे उम्मीद है कि वे ऐसा नहीं कह रहे होंगे और अगर वह ऐसा कह रहे हैं तो लोग चुनावों में उन्हें जवाब देंगे।'

तेलंगाना की 119 विधानसभा सीटों पर 30 नवंबर को मतदान होना है। सीएम केसीआर और उनकी पार्टी बीआरएस के लिए यह सबसे मुश्किल चुनाव है। चुनाव पूर्व सर्वे और कर्नाटक की जीत के भरोसे कांग्रेस को राज्य में पहली बार सरकार बनाने की उम्मीद है।

यही वजह है कि दोनों दलों में प्रचार अभियान के दौरान भयानक आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है। तेलंगाना राज्य का गठन प्रदेश की जनता के लिए आज भी एक भावनात्मक मुद्दा है।

कांग्रेस को पता है कि अगर इसमें वह केसीआर की रणनीति को टक्कर देने में चूक गई तो उसका सारा सपना धाराशायी हो सकता है। शायद इसलिए, पार्टी इस विवाद पर रक्षात्मक खेलने में ही अपनी भलाई मान रही है। (इनपुट-पीटीआई)

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