बीआरएस के संकटमोचन हरीश राव असंतुष्ट नेताओं के विद्रोह को दबाने के लिए कर रहे ये काम
तेलंगाना विधानसभा चुनाव से पहले सत्तारूढ़ भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कुछ नेता नाराज चल रहे हैं। वहीं कुछ नेता बीआरएस छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं। इस झटके के बाद बीआरएस के संकटमोचक टी हरीश राव ने असंतुष्ट नेताओं के विद्रोह को दबाने के लिए विनम्रता का कार्ड खेला है। हरीश राव असंतुष्ट नेताओं को विरोधी पार्टियों में जाने से रोकने के लिए उनके घर खुद जा रहे हैं। जिससे पार्टी के नेता हैरान हैं।

केसीआर सरकार के वित्त मंत्री हरीश राव पूर्ववर्ती मेडक जिले के बीआरएस के असंतुष्ट नेताओं को शांत करने के लिए कीड़ मसक्कत कर रहे है। ये उस पार्टी का हाल है जिस बीआरएस में अगर किसी नेता को शामिल होना होता था तो उन्हें हैदराबाद में मंत्री के कैंप कार्यालय या सिद्दीपेट में कैंप कार्यालय जाना पड़ता था , लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है।
असंतुष्ट नेताओं को दूसरी पार्टियों में जाने से रोकने के लिए हरीश राव खुद उनके घर जा रहे हैं, जिससे पार्टी नेता हैरान हैं। चुनाव से पहले हरीश राव उन विपक्षी नेताओं तक भी पहुंच रहे हैं जो अपनी-अपनी पार्टियों से खुश नहीं हैं। कांग्रेस नेता तिरूपति रेड्डी तिरूपति रेड्डी मेडक टिकट ना मिलने से अपनी पार्टी से नाराज हैं हरीश राव खुद हैदराबाद में उनके घर गए और उन्हें बीआरएस में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।
इसके अलावा हरीश राव मेडक के पूर्व विधायक पी शशिधर रेड्डी के घर गए और उन्हें बीआरएस में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक (डीसीसीबी) के उपाध्यक्ष पटनम मनिक्यम भी टिकट ना मिलने से नाराज थे उन्हें भी वित्त मंत्री टी हरीश राव ने अपने हैदराबाद आवास पर बुलाया और उनसे बातचीत की और आश्वासन दिया कि अगली सरकार में उचित पद देने का वादा किया। इसके साथ ही भाजपा उम्मीदवार चिंता प्रभाकर के लिए प्रचार करने को कहा। हालांकि हरीश राव के आश्वासन के बाद पटनम माणिक्यम ने अपना रुख कुछ हद तक नरम किया।












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