Telangana Results: कौन हैं सुनील कानूनगोलू? जिन्होंने तेलंगाना में BRS को हटाकर कांग्रेस को दिलाई जीत
Who is Sunil kanugolu: राजस्थान और छत्तीसगढ़ इस बार कांग्रेस के हाथ से निकल चुके हैं। विधानसभा चुनाव के परिणाम कांग्रेस के लिए चौंकाने वाले रहे। तीन राज्यों में बीजेपी को बड़ी सफलता हाथ लगी है। हालांकि तेलंगाना से सबसे पुरानी पार्टी के लिए खुशखबरी है। एकमात्र चुनावी दक्षिणी राज्य तेलंगाना में कांग्रेस को बड़ी जीत मिली है।
दक्षिणी राज्य तेलंगाना में कांग्रेस की जीत हुई है। आंध्र प्रदेश से अलग होकर साल 2014 में गठित हुए तेलंगाना में पहली बार कांग्रेस पार्टी सत्ता में आई है। कांग्रेस की इस जीत के पीछे एक ऐसे रणनीतिकार को बताया जा रहा है, जिन्होंने महज सालभर के अंदर कांग्रेस की झोली में दूसरी जीत डाली है।

तेलंगाना की कुल 119 सीटों में कांग्रेस ने बहुमत हासिल करते हुए कुल 64 सीटें जितने में कामयाबी हासिल की है। इसके अलावा भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) को इस बार 39 सीटों से संतोष करना पड़ा है।
5 साल में मिली चौगुनी सीट
2018 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के खाते में सिर्फ 16 सीट मिली थी, लेकिन अब पूरे दमखम दिखाने के बाद इस बार यानी पांच साल बाद पार्टी ने चार गुना सीटों पर जीत हासिल की है। कांग्रेस की इस जीत के पीछे जो सबसे ज्यादा चर्चाओं में है वो हैं सुनील कानुगोलू।
कर्नाटक के बाद अब तेलंगाना में कब्जा
कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की शानदार जीत में रणनीतिकार रहे सुनील कानुगोलू का अहम रोल माना गया है। जिसके बाद कानुगोलू को तेलंगाना की जिम्मेदारी सौंपी गई, जिसमें वो पूरी तरह से खरे उतरे हैं। ऐसे ंमें जानिए तेलंगाना में बीआरएस का सूपड़ा साफ करने वाले सुनील कानुगोलू हैं?
कौन हैं सुनील कानुगोलू, जो बने जीत के स्टार
चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर के सुनील कानुगोलू सहयोगी रह चुके हैं। बता दें कि साल 2009 में अमेरिका से लौटने के बाद कानुगोलू ने पीके यानी प्रशांत किशोर की टीम को ज्वाइन किया। फिर साल 2014 के लोकसभा चुनावों में पीएम मोदी के इलेक्शन कैंपेन के लिए काम किया। हालांकि 2014 के प्रशांत किशोर ने बीजेपी से खुद को अलग कर लिया, जबकि वह लगातार बीजेपी के साथ जुड़े रहे। सुनील कानुगोलू ने ही साल 2017 के यूपी विधानसभा चुनावों के लिए भी रणनीति बनाई थी।
DMK से हुई कांग्रेस में एंट्री
यूपी विधानसभा में बीजेपी के साथ काम करने के बाद डीएमके के रास्ते सुनील कानुगोलू की कांग्रेस के करीब हो गई है। साल 2019 तक कानुगोलू की बीजेपी से राह अलग हो गई। और फिर 2019 के लोकसभा चुनावों में उन्होंने डीएमके के लिए काम किया। फिर 2020 में वह पंजाब चुनावों में अकाली दल के लिए काम करना शुरू किया, लेकिन बीच में हट गए।
इसके बाद 2021 में उन्होंने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में एआईएडीएमके के लिए काम किया। इस चुनाव के बाद उन्होंने कर्नाटक में कांग्रेस के लिए काम करना शुरू किया। दो साल पहले कांग्रेस के साथ काम करने वाले सुनील के लिए कर्नाटक का प्रोजेक्ट फुल टाइम प्रोजेक्ट था। ऐसे में कांग्रेस की जीत के बाद कानुगोलू कर्नाटक सीएम सिद्धरमैया के और करीबी हो गए।












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