Telanagana Election Result: कैसे रेवंत रेड्डी ने तेलंगाना में कांग्रेस के लिए खेल बदल कर पंचर कर दी BRS की कार
Telanagana Assembly Election Result: तेलंगाना विधानसभा चुनाव परिणाम में सत्तारूढ़ बीआरएस का तीसरी बार सत्ता में आने का सपना धराशायी होता नजर आ रहा है। 30 नवंबर को 119 सीटों पर हुए तेलंगाना चुनाव परिणाम (Telanagana Vidhan Sabha Chunav Result) में कांग्रेस पार्टी के चंद्रशेखर राव (K Chandrashekhar Rao) को पछाड़ते हुए कांग्रेस ने सरकार बनाने के बहुमत के आंकड़े पार कर लिए हैं।
वोटरों ने सत्तारूढ़ केसीआर की बीआरएस को नकार कर कांग्रेस पार्टी को पसंद किया है। आइए जानते हैं कैसे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रेवंत रेड्डी ने तेलंगाना में पूरा खेल बदलते हुए 10 साल से सत्ता पर काबिज के चंद्रशेखर राव का सत्ता से बेदखल करने में कामयाब हुई?

रेवंत रेड्डी की कार्यशैली के कारण तेलंगाना कांग्रेस के अंदर इनके कई आलोचक बने लेकिन चुनाव के तनीजों को देखकर ऐसा लगा रहा है कि 54 वर्षीय रेवंत ने दक्षिणी राज्य में विजयी अभियान का नेतृत्व किया है। इतना ही नहीं रेवंत रेड्डी बीआरएस के गढ़ कामारेड्डी में मुख्यमंत्री और भारत राष्ट्र समिति के चंद्रशेखर राव के खिलाफ चुनाव में जीतते हुए नजर आ रहे हैं।
एन चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली तेलुगु देशम पार्टी के पूर्व विधायक रेवंत रेड्डी दो बार विधायक रहे और वर्तमान समय में मल्काजगिरी सीट से सांसद हैं। रेवंत रेड्डी 2017 में कांग्रेस में शामिल हुए थे।
जुलाई 2021 में कांग्रेस ने उन्हें जब तेलंगाना कांग्रेस अध्यक्ष बनाया इसके बार रेवंत रेड्डी राज्य में कांग्रेस को मजबूत करने के लिए जमीनी स्तर पर काम कर रहे थे। इसके अलावा सत्तारूढ़ बीआरएस सरकार के खिलाफ कई मुद्दों पर सड़क पर विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे थे।
इसके अलावा पड़ोसी राज्य कर्नाटक से सबक लेते हुए तेलंगाना में जहां स्थानीय नेताओं को प्रमुखता देने का फायदा मिला वहीं पार्टी के भीतर अपने प्रतिद्वंद्वियों के विरोधी सुर के बावजूद कांग्रेस नेतृत्व ने रेवंत रेड्डी का समर्थन किया।
चुनावी सभा हो या केसीआर के खिलाफ चुनाव मैदान में उतारना हो कांग्रेस आलाकमान ने रेवंत रेड्डी को एक बड़े मंच के नेता के रूप में पेश किया गया, जो बड़ी रैलियों को संबोधित करते थे और लगातार पार्टी के राष्ट्रीय चेहरों के साथ देखे जाते थे।
केसीआर के खिलाफ प्रतिस्पर्धी के रूप में हाईकमान द्वारा रेवंत रेड्डी को चुनना राज्य चुनावों से पहले उनकी छवि को मजबूत करने के लिए एक स्पष्ट कदम था।
बता दें रेवंत रेड्डी बीआरएस के गढ़ कामारेड्डी में आगे चल रहे हैं, जहां 2014 में तेलंगाना के आंध्र प्रदेश से अलग होने के बाद से पार्टी को वोट दिया जाता रहा है।
रेवंत रेड्डी कोडंगल में भी आगे चल रहे हैं, दूसरी सीट जहां से वह चुनाव लड़ रहे हैं। केसीआर गजवेल में आगे चल रहे हैं, जो उनका गढ़ है और दूसरी सीट है जहां से वह चुनाव लड़ रहे हैं।












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