सरकारी बंगला खाली करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर क्या बोले तेजस्वी यादव
नई दिल्ली। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव सरकारी बंगला खाली करने के लिए राजी हो गए हैं। बता दें कि तेजस्वी यादव को बतौर उपमुख्यमंत्री आवंटित इस बंगले को लेकर पिछले डेढ़ साल से विवाद चल रहा था जिसको लेकर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को अंतिम फैसला सुनाते हुए तेजस्वी को यह बंगला खाली करने का निर्देश सुनाया। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने तेजस्वी यादव पर 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगया है।

तेजस्वी यादव का सरकारी बंगला 5, दशरत मार्ग पर स्थित हैं। तेजस्वी यादव को यह बंगाल 2015 में आवंटित किया गया था जब राज्य में महागठबंधन सरकार बनी थी और वह उप मुख्यमंत्री बने थे। 2017 में, जब राजद ने सत्ता खो दी, बिहार सरकार ने इस बंगले का आवंटन रद्द कर दिया। राजद नेता को विपक्ष के नेता के रूप में 1, पोलो रोड में एक और बंगला आवंटित किया गया था। 'बेरोजगारी हटाओ, आरक्षण बढ़ाओ' यात्रा के दौरान भागलपुर में तेजस्वी यादव ने कहा कि मेरा परिवार हमेशा सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान किया है और इस मामले में भी मैं कोर्ट के फैसले का पालन करूंगा।
लेकिन तेजस्वी यादव ने इस बंगले को खाली करने से इनकार कर दिया और बंगला को बरकरार रखने के लिए पटना उच्च न्यायालय चले गए। लगभग एक साल के बाद हाई कोर्ट ने तेजस्वी यादव को बंगला खाली करने का आदेश दिया। इसके बाद तेजस्वी यादव ने हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार फैसला सुनाते हुए तेजस्वी यादव को बंगला खाली करने का निर्देश दे दिया। इसके अलावा कोर्ट ने उन पर 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया।
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