'राहुल गांधी जी क्या बॉर्डर पर आए हैं? कैसे कहा कि जवानों को पीटा जा रहा है', तवांग के स्थानीयों की फीलिंग
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में कहा,''9 दिसंबर को तवांग में हमारी सीमा पर पीएलए सैनिकों ने एलएसी का उल्लंघन करने की कोशिश की थी। चीनी प्रयास का हमारे सैनिकों ने दृढ़ तरीके मुकाबला किया।''

Tawang locals on India China border row: अरुणाचल प्रदेश की सीमा पर भारत और चीन के बीच संघर्ष को लेकर विवाद जारी है। अरुणाचल प्रदेश की सीमा पर चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के सैनिकों के साथ झड़प के कुछ दिनों बाद सीमावर्ती राज्यों के लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं। कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी पार्टियों का दावा है कि चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) हमारे सैनिकों को पीट रही थी। विपक्षी का ये भी दावा है कि अरुणाचल प्रदेश में चीन घुसपैठ कर रहा है और हमारी केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार सो रही थी। लेकिन अरुणाचल प्रदेश के तवांग के स्थानीय लोग ऐसा नहीं सोचते हैं। वहां कई स्थानीय लोगों ने राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं पर भारतीय सैनिकों का अपमान करने की बात कही है।

'मुंबई और दिल्ली में बैठकर लोग अफवाह फैला रहे हैं...'
टाइम्स नाउ ने सीमावर्ती इलाका तवांग से एक ग्राउंड रिपोर्ट शेयर की है। इलाके से जमीनी रिपोर्ट देते हुए चैनल ने दावा किया है कि सैनिकों को पीटा जा रहा है, विपक्षी पार्टियों के इस बयान से स्थानीय लोग खफा है। तवांग के एक स्थानीय छात्र सोनम राशी ने कहा, ''हमें पता भी नहीं चला कि चीनी घुसपैठ कर चुके हैं। हालांकि, अब इसका राजनीतिकरण हो गया है। कुछ लोग मुंबई और दिल्ली में बैठकर अफवाहें फैला रहे हैं और बढ़ा-चढ़ाकर बयान दे रहे हैं। तवांग पर्यटन पर बहुत निर्भर करता है, ऐसी अफवाहें पर्यटन को प्रभावित करती हैं।''
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'मैं राहुल गांधी से पूछना चाहता हूं कि वह सीमा पर आए हैं...'
एक अन्य स्थानीय ने हाल ही में सीमा पर हुई झड़प पर राहुल गांधी की टिप्पणियों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ''उन्होंने (राहुल गांधी) कुछ बहुत ही अजीब बात कही है। वह देश के किसी और कोने में हैं। हम यहां के हालात से वाकिफ हैं। मैं उनसे (राहुल गांधी) पूछना चाहता हूं, क्या आप कभी यहां आए हो? क्या आप सीमा पर पहुंच गए हैं? आप कैसे कह सकते हैं कि हमारे जवानों को पीटा जा रहा है?''

'सेना का मनोबल मत तोड़िए...'
स्थानीय लोगों ने आगे कहा, ''आपने देखा है कि कैसे हमारे सैनिकों ने चीनियों से डटकर मुकाबला किया है। अगर आप उनके पक्ष में खड़े नहीं हो सकते, तो कम से कम उनका मनोबल तो मत तोड़िए। अगर आप राजनीति करना चाहते हैं, तो इसे किसी और तरीके से करें, राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़ न करें, तवांग के निवासी आपसे यही कहना चाहते हैं।''

तवांग में क्या हुआ था, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया?
तवांग में घटी घटना के बारे में बताते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में कहा था, ''मैं इस सम्मानित सदन को 9 दिसंबर 2022 को अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में हमारी सीमा पर हुई एक घटना के बारे में जानकारी देना चाहूंगा। 9 दिसंबर पीएलए सैनिकों ने एलएसी का उल्लंघन करने की कोशिश की। तवांग सेक्टर के यांग्त्से क्षेत्र में और एकतरफा रूप से यथास्थिति को बदलने के लिए। चीनी सैनिकों की कोशिश का हमारे सैनिकों ने दृढ़ और दृढ़ तरीके से मुकाबला किया। आमने-सामने के कारण एक शारीरिक हाथापाई भी हुई जिसमें भारतीय सेना ने बहादुरी से पीएलए को घुसपैठ करने से और लौटने के लिए मजबूर किया।"

क्या हमारे सैनिक घायल हुए?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में आगे कहा,''हाथापाई के कारण दोनों पक्षों के कुछ जवानों को चोटें आई हैं। हमारी तरफ से कोई घातक या गंभीर हताहत नहीं हुआ है। भारतीय सैन्य कमांडरों के समय पर हस्तक्षेप के कारण, पीएलए सैनिक अपने स्थानों पर वापस चले गए।'' संसद में बयान देते हुए, राजनाथ ने आश्वासन दिया कि "हमारी सेना हमारी क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और इस पर किए गए किसी भी प्रयास को विफल करना जारी रखेगी।"












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