Air India Plane Crash: जख्मों पर मरहम! टाटा समूह ने पीड़ितों के लिए बनाया ₹500Cr का ट्रस्ट, कैसे मिलेंगे ₹1Cr?
Air India Plane Crash: अहमदाबाद में 12 जून 2025 को हुए एयर इंडिया विमान हादसे का भयानक मंजर किसी की भी आंखों से अभी तक ओझल नहीं हुआ है। हादसे में जान गंवाने वाले 260 लोगों के परिवारजन इंसाफ का इंतजार कर रहे हैं। इसी बीच, टाटा समूह ने शुक्रवार (18 जुलाई 2025) को बड़ा ऐलान किया। कहा कि हादसे के पीड़ितों के लिए 500 करोड़ रुपये का 'एआई-171 मेमोरियल एंड वेलफेयर ट्रस्ट' स्थापित किया जाएगा।
दरअसल, टाटा संस और टाटा ट्रस्ट्स ने इस ट्रस्ट के लिए 250-250 करोड़ रुपये का योगदान देने का वादा किया है, जिसमें मृतकों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि, घायलों के इलाज और प्रभावित बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण का प्रावधान शामिल है।

ट्रस्ट का मकसद और संचालन कैसे?
मुंबई में पंजीकृत यह ट्रस्ट मृतकों के आश्रितों, घायलों और हादसे से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित लोगों को तत्काल व दीर्घकालिक सहायता प्रदान करेगा। इसके अलावा, प्रथम प्रतिक्रियाकर्ताओं, चिकित्सा कर्मियों, आपदा राहत पेशेवरों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी मानसिक और अन्य सहायता दी जाएगी। ट्रस्ट का प्रबंधन पांच सदस्यीय न्यासी बोर्ड करेगा, जिसमें टाटा समूह के पूर्व दिग्गज एस. पद्मनाभन और टाटा संस के जनरल काउंसल सिद्धार्थ शर्मा को प्रारंभिक न्यासी नियुक्त किया गया है। शेष न्यासियों की नियुक्ति जल्द होगी।
हादसे की प्रारंभिक रिपोर्ट क्या कहती है?
विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, बोइंग 787 विमान के उड़ान भरने के मात्र तीन सेकंड बाद दोनों इंजन के ईंधन स्विच 'कटऑफ' स्थिति में चले गए, जिसके कारण इंजन बंद हो गया। इस हादसे में विमान में सवार 242 में से 241 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों की मौत हो गई, जबकि जमीन पर 19 लोगों की जान गई।
टाटा समूह की प्रतिबद्धता
टाटा संस के अध्यक्ष एन. चंद्रशेखरन ने हादसे के तुरंत बाद पीड़ित परिवारों को 1 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि और अहमदाबाद के बी.जे. मेडिकल कॉलेज के क्षतिग्रस्त छात्रावास के पुनर्निर्माण की घोषणा की थी। शुक्रवार को जारी बयान में इस प्रतिबद्धता को दोहराया गया। ट्रस्ट गंभीर रूप से घायल लोगों के इलाज और प्रभावित बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण में भी सहायता करेगा।
टाटा समूह ने बताया कि ट्रस्ट कर अधिकारियों के साथ पंजीकरण और अन्य औपचारिकताओं के पूरा होने के बाद कार्य शुरू करेगा। यह कदम न केवल पीड़ितों के प्रति टाटा समूह की संवेदनशीलता को दर्शाता है, बल्कि आपदा के बाद समाज को सहायता प्रदान करने की उनकी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करता है। टाटा समूह का यह प्रयास न केवल हादसे के पीड़ितों के लिए राहत का काम करेगा, बल्कि आपदा प्रबंधन और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में एक मिसाल भी कायम करेगा।
ये भी पढ़ें- Air India का बड़ा ऐलान, AI-171 प्लेन हादसे के बाद थमीं उड़ाने 1 अगस्त से बहाल, जानें क्या बदलेगा?












Click it and Unblock the Notifications