'साल के अंत तक असम से AFSPA को पूरी तरह से ले लेंगे वापस, बोले सीएम हिमंत बिस्वा सरमा
Himanta Biswa Sarma: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि साल के अंत तक असम से AFSPA को पूरी तरह से वापस लेने का लक्ष्य है। इसके लिए हम अपने पुलिस फोर्स को प्रशिक्षित कर रहे हैं।

Recommended Video

Himanta Biswa Sarma: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोमवार को बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि हम 2023 के अंत तक असम से AFSPA को पूरी तरह से वापस लेने का लक्ष्य बना रहे हैं। हम अपने पुलिस बल को प्रशिक्षित करने के लिए पूर्व सैन्य कर्मियों को भी शामिल करेंगे।
बता दें कि पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों व जम्मू-कश्मीर में आफस्पा लगाया गया है। जिसके तहत सुरक्षा बलों को और अधिक अधिकार दिए जाते हैं। उग्रवाद और आतंकवाद पर काबू पाने के लिए सुरक्षा बलों को खास अधिकार दिए जाते हैं।
बता दें कि असम के आठ जिलों में अफस्पा कानून लगा हुआ है। सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि राज्य की पुलिस को पूर्व सैन्यकर्मियों की मदद से प्रशिक्षित किया जाएगा। साथ ही इस पहल के बाद असम पुलिस बटालियनों को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों से बदला जा सकेगा।
आखिर क्या है ये अफस्पा?
साल 1958 में बने अफस्पा यानी आर्म्ड फोर्स स्पेशल पावर एक्ट (AFSPA) को पूर्वोत्तर के डिस्टर्ब इलाकों में लागू किया गया। ये कानून सुरक्षा बलों और सेना को कुछ विशेष अधिकार देता है। जहां पर अफस्पा लागू होता है, वहां सेना के पास काफी शक्तिशाली अधिकार होते हैं।
अफस्पा के तहत सेना को क्या अधिकार मिलते हैं?
ये एक्ट जहां पर लागू होता है, वहां सेना किसी भी व्यक्ति को बिना किसी वारंट के गिरफ्तार कर सकती है।
गिरफ्तारी के दौरान वो किसी भी प्रकार के बल का इस्तेमाल कर सकती है।
किसी भी इमारत या ढांचे को गिराने का अधिकार होता है अगर वहां हथियार बंद हमले का संदेह हो।
यह भी पढ़ें- 'भाजपा नतीजों से हैरान नहीं है...', कर्नाटक चुनाव के नतीजों पर हिमंत बिस्वा सरमा ने क्या कहा ऐसा?












Click it and Unblock the Notifications