तमिलनाडु के पॉलिटिकल ड्रामे ने दी दिल्ली में दस्तक, चुनाव आयोग पहुंचा मामला
डीएमके नेता स्टालिन बुधवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात कर सकते है जिसमें वो तमिलनाडु विधान सभा में विश्वास प्रस्ताव लाने की मांग करेंगे
नई दिल्ली। तमिलनाडु की राजनीतिक लड़ाई दिल्ली पहुंच गई है। तमिलनाडु के सीएम पलानीसामी और उप मुख्यमंत्री पन्नीरसेल्वम ने चुनाव आयोग से मिलने का वक्त मांगा है वहीं टीटीवी दिनाकरण के धड़े ने पोल पैनल को हलफनामा देते हुए कहा कि किसी भी फैसले से पहले उसे जरूर ध्यान में रखा जाए।

इसी बीच खबर है कि डीएमके नेता स्टालिन बुधवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात कर सकते हैं और वो तमिलनाडु विधान सभा में विश्वास प्रस्ताव लाने की मांग करेंगे। टीटीवी दिनाकरण ने पलानीसामी और पन्नीरसेल्वम पर उनके बारे में गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया है। दरअसल तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पनालीसामी और उपमुख्यमंत्री पनीरसेल्वम ने फैसला लेते हुए वी के शशिकला और उनके भतीजे टीटीवी दिनाकरण को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया। इसके अलावा शशिकला द्वारा किए गए सभी फैसलों को भी खत्म कर दिया।
दो दिन पहले हुई एआईएडीएमके की बैठक में टीटीवी दिनाकरण द्वारा की कई सभी नियुक्तियों को निरस्त करने का फैसला किया गया। इसके अलावा पार्टी ने यह भी तय किया कि वो अपने मुखपत्र नामाधु एमजीआर और जया टीवी को न्यायिक तरीके से वापस लेगी। इसके अलावा शशिकला को पार्टी महासचिव के पद से हटाने के लिए भी कदम उठाए जा सकते हैं। आपको बता दें कि 26 अगस्त को दिनाकरन ने कहा था कि उन्हें एक सबक सिखाना होगा जो शशिकला को निकालना चाहते हैं। पिछले कुछ दिनों में, अन्नाद्रमुक के कई विधायक ने दिनाकरन को अपना समर्थन दिया है। दूसरी तरफ, द्रविड़ मुनेत्र कजगम (डीएमके) और कांग्रेस ने तमिलनाडु के राज्यपाल से अनुरोध किया है कि वह पलानीस्वामी को सदन में अपना बहुमत साबित करने को कहे।












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