तमिलनाडु में हिंदू मुन्नानी संगठन ने अंबेडकर का लगाया भगवा पोशाक वाला पोस्टर, मचा बवाल
तमिलनाडु में संविधान निर्माता अंबेडकर को भगवा पोशाक में दिखाए जाने पर बवाल मच गया है। इस पूरे मामले को लेकर VCK ने पुलिस शिकायत की है।

दक्षिणपंथी संगठन हिंदू मुन्नानी की तरफ से मंगलवार को डॉ. बीआर अंबेडकर की पुण्यतिथि के अवसर पर लगाए गए पोस्टरों पर तमिलनाडु में विवाद खड़ा हो गया है। इस पोस्टर में संविधान निर्माता अंबेडकर को भगवा पोशाक में दिखाया गया है। यह पोस्टर तंजावुर जिले के कई हिस्सों में लगाया गया है। जिसमें आंबेडकर को भगवा कमीज और माथे पर 'तिलक' लगाए हुए दिखाया गया है। साथ ही पोस्टर में 'चलो भगवा नेता का महिमामंडन करते हैं' का टैगलाइन दिया गया है।
वहीं, जब इसको लेकर इंदु मक्कल काची के संस्थापक अर्जुन संपत से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि आंबेडकर एक राष्ट्रीय नेता हैं। ऐसे में इस पोशाक को लेकर विवाद नहीं होना चाहिए। हालांकि, विदुथलाई चिरुथिगाल काची (VCK) के स्थानीय नेताओं की तरफ से की गई पुलिस शिकायत के आधार पर गुरुमूर्ति नाम के एक हिंदू मुन्नानी पदाधिकारी को कुंभकोणम पुलिस ने पोस्टर लगाने के आरोप में गिरफ्तार किया है।
VCK ने पोस्टर को लेकर की निंदा
तमिलनाडु में जाति-आधारित भेदभाव के खिलाफ लड़ने वाले वीसीके ने राष्ट्रीय नेता के भगवाकरण की निंदा की है। साथ ही वीसीके कार्यकर्ताओं ने जिले के कई इलाकों में लगे पोस्टर को भी फाड़ दिया है। आपको बता दें कि हिंदू मुन्नानी संगठन की तरफ इस तरह का कोई पहला पोस्टर नहीं लगाया है। इससे पहले भी हिंदू मुन्नानी संगठन की तरफ से पूज्य संत-कवि तिरुवल्लुवर को कोयम्बटूर में एक पुस्तक मेले में सफेद के बजाय भगवा वस्त्र में दिखाया गया था।
इस मामले पर भी विवाद खड़ा हो गया था। इसको लेकर सत्तारूढ़ द्रमुक सहित तमिलनाडु में विभिन्न राजनीतिक दलों ने भगवाकरण करने का आरोप लगाया था। साथ ही मामले की निंदा भी की थी। आपको बता दें कि भारतीय संविधान निर्माता अंबेडर की पुण्यतिथि हर वर्ष 6 दिसंबर को महापरिनिर्वाण दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन लगभग सभी राज्यों में कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
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