Tahawwur Rana की भारत वापसी में 17 साल की देरी क्यों? गिरफ्तारी से अब तक क्या-क्या हुआ? Timeline में सबकुछ
Tahawwur Rana: 26/11 मुंबई आतंकी हमले को एक दशक से ज्यादा वक्त बीत चुका है, लेकिन इसकी परछाई अब भी अंतरराष्ट्रीय अदालतों और जांच एजेंसियों के बीच घूम रही है। इस हमले के एक कथित साजिशकर्ता तहव्वुर हुसैन राणा का नाम लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने तहव्वुर हुसैन राणा के भारत प्रत्यर्पण का रास्ता साफ कर दिया है। आज, 9 अप्रैल को कड़ी सुरक्षा के बीच उसे भारत लाया जा रहा है। 64 वर्षीय पूर्व पाकिस्तानी सैन्य चिकित्सक और कनाडाई नागरिक तहव्वुर हुसैन राणा पर 2008 के मुंबई हमलों से संबंधित आतंकवाद के आरोप हैं।

भारत के लिए ये प्रत्यर्पण इतना आसान नहीं था। सुप्रीम कोर्ट द्वारा याचिका को खारिज करना, कई अमेरिकी अदालतों में वर्षों से चल रही कानूनी कार्यवाही, ये प्रत्यर्पण भारत की वर्षों की कानूनी और कूटनीतिक मेहनत अब रंग लाती दिख रही है।
आइए जानते हैं तहव्वुर राणा की गिरफ्तारी से लेकर उसके प्रत्यर्पण तक की पूरी टाइमलाइन:
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1990: तहव्वुर हुसैन राणा पाकिस्तान सेना की मेडिकल कोर में काम करता था इसके बाद में कनाडा में रहने लगा
- 1992: शिकागो में "इमीग्रेशन सर्विस" नामक कंपनी शुरू करते हैं
- 2006-2008: तहव्वुर का दोस्त डेविड हेडली पाकिस्तान और भारत की यात्रा करता है। वह लश्कर-ए-तैयबा और ISI के साथ संपर्क में होता है।
- हेडली भारत में मुंबई हमलों के लिए रेकी करता है, और राणा उस दौरान उसे कवर देने वाला लेटर और विजिट सपोर्ट प्रदान करता है।
- 26 नवंबर 2008: मुंबई में आतंकी हमला होता है, जिसमें 175 लोग मारे जाते हैं और सैकड़ों घायल होते हैं।
- भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की जांच में हेडली और राणा की भूमिका सामने आती है।
- अक्टूबर 2009: FBI द्वारा शिकागो में तहव्वुर राणा को गिरफ्तार किया जाता है। उन पर भारत में आतंकवादी गतिविधियों को समर्थन देने और लश्कर-ए-तैयबा से संबंध रखने का आरोप लगाया जाता है।
- 2011: शिकागो में अमेरिकी अदालत ने राणा को भारत में 26/11 हमलों के लिए दोषी नहीं ठहराया।लेकिन उन्हें डेनमार्क में "Jyllands-Posten" अखबार के खिलाफ साजिश रचने और आतंकवादी समूहों का समर्थन करने का दोषी पाया गया।
- इस मामले में 14 साल की सजा सुनाई जाती है।
- 2020: भारत सरकार ने राणा के प्रत्यर्पण की मांग की उसी वर्ष राणा को अमेरिकी जेल से रिहा किया गया लेकिन प्रत्यर्पण के लिए दोबारा गिरफ्तार किया गया।
- 2025: कैलिफोर्निया की एक अमेरिकी अदालत ने फैसला सुनाया कि तहव्वुर राणा को भारत प्रत्यर्पित किया जा सकता है।
- कोर्ट ने कहा कि भारत की ओर से दिए गए सबूत पर्याप्त हैं और प्रत्यर्पण की प्रक्रिया अंतरराष्ट्रीय संधियों के तहत वैध है।












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