'मैं दर्द में, डरी हुई थी', स्वाति मालीवाल ने बताया 'मारपीट' वाले दिन थाने पहुंचकर भी क्यों नहीं की थी FIR?
Swati Maliwal Row: आम आदमी पार्टी (AAP) की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने अब बताया है कि आखिर सीएम अरविंद केजीवाल के पूर्व पीएस बिभव कुमार द्वारा 13 मई को मारपीट की घटना के बाद उन्होंने उसी दिन FIR क्यों नहीं कराया?
स्वाति मालीवाल ने इस बात का भी जवाब दिया है कि जब वह पुलिस स्टेशन पहुंच गई थी तो संजय सिंह ने उनसे ऐसा क्या कहा था कि वह, बिना शिकायत दर्ज कराए वापस आ गई थीं? स्वाति मालीवाल ने यह भी बताया है कि, बिभव कुमार द्वारा उनके साथ कथित तौर पर मारपीट किए जाने के बाद क्या हुआ?

टाइम्स नाउ को दिए एक इंटरव्यू में स्वाति मालीवाल ने बताया है कि वह घटना वाले दिन 13 मई को सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन गई थीं और इस मामले में औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कर सकी क्योंकि कई लोगों के फोन आने के बाद वह डर गई थीं।
स्वाति मालावील ने कहा- 'मैं डर गई थी, मैं इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाना चाहती थी'
स्वाति मालीवाल ने कहा,
''जब मैं पुलिस स्टेशन में थी तो मुझे कई मीडिया कॉल आए। जैसे ही मुझे इतने सारे मीडिया कॉल आए, मैं डर गई थी। मैं नहीं चाहती थी कि लोकसभा चुनाव के बीच ये मसला उछले। मैं इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाना चाहती थी। मैं वहां से उठ कर घर आ गई। बाद में, संजय सिंह जी मुझसे मिलने आए थे। मुझे संजय सिंह का भी फोन आया था। उन्होंने मुझसे कहा, 'हम देखते हैं, इस मामले में क्या कर सकते हैं। संजय भाई ने कहा कि हम इस मुद्दे पर बात करेंगे।''
स्वाति मालीवाल बोलीं- 'संजय जी, मुझसे मिलने आए, मेरी हालत देखी...'
स्वाति मालीवाल ने आगे कहा, ''मैं उस वक्त बहुत डरी हुई थी और पूरी तरह से सदमे में थी। बिभव कुमार द्वारा बुरी तरह पीटे जाने के बाद मैं बहुत दर्द में थी। इसलिए मैं उस दिन तो शिकायत नहीं दर्ज करा पाई लेकिन बाद में मैं शिकायत दर्ज, कराने से पीछे नहीं रही। संजय जी भी मुझसे मेरे घर पर मिले। उन्होंने मेरी हालत देखी। इसके बाद वह अरविंद केजरीवाल के घर गए और बिभव से भी मुलाकात की।''
स्वाति मालीवाल ने कहा- मैं उस पल में खुद को बहुत कमजोर पाया था
स्वाति मालीवाल ने कहा,
''मैंने आज तक इतनी महिलाओं की मदद की है, मैंने आज तक इतनी महिलाओं को कहा है कि तुम लड़ो लेकिन उस पल में, मैंने खुद को कमजोर पाया है। मुझे लगा कि मैंने अभी शिकायत की तो...यहां बहुत सारे मीडिया आ जाएंगे, मैं घबरा गई थी। दूसरी बात ये है कि मुझे उस वक्त बहुत दर्द हो रहा था... क्योंकि मेरे पीरियड्स भी चल रहे थे और मुझे जिस तरीके से मारा गया था, मैं उस वक्त बहुत दर्द में थी। मेरा दिमाग काम नहीं कर रहा था, मुझे सच में कुछ समझ में नहीं आया, उस वक्त। मैंने उसके बाद संजय सिंह से मिली, मैंने उनको रो-रोकर बताया कि मेरा कैसा हाल था।''
स्वाति मालीवाल बोलीं- 'अगर पिटाई नहीं हुई होती तो, पार्टी प्रेस कॉन्फ्रेंस करती क्या'
स्वाति मालीवाल ने कहा, ''आप खुद सोचिए, अगर बिभव कुमार ने मुझे इतनी बुरी तरह से नहीं मारा होता तो क्या पार्टी प्रेस कॉन्फ्रेंस करती। संजय जी ने खुद से माना है कि मारपीट हुई है।''
क्या स्वाति मालीवाल और संजय सिंह में डील हुई थी? इस सवाल के जवाब में स्वाति मालीवाल ने कहा,
''पार्टी के कई लोगों ने मुझसे कहा कि अगर तुमने शिकायत की तो, तुम्हें भाजपा का एजेंट बता दीजिएगा...तुम्हें आइसोलेट कर दीजिएगा। हालांकि मेरे से मिलने दिल्ली के कोई मंत्री नहीं आए थे। लेकिन संजय भाई ने मेरी स्थिति को समझा था। और मैं ये मानती हूं संजय भाई ने मेरे लिए आवाज भी उठाई थी...लेकिन हां ये भी सच है कि संजय जी ने जो पीसी की थी, वो अरविंद जी से पूछकर की गई थी। मैंने शिकायत इसलिए नहीं की कि आप ने कोई एक्शन नहीं लिया, मैं ट्रॉमा में थी।''
स्वाति मालीवाल ने कहा- 'बिभव की इतनी हिम्मत की वो एक सांसद को पीटे'
स्वाति मालीवाल ने आगे कहा,
''मैंने शिकायत इसलिए की थी क्योंकि एक आदमी बिभव कुमार जिसकी इतनी हिम्मत हो गई...वो एक सांसद को, दिल्ली महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष को, दिल्ली सीएम के आवास के अंदर इतनी बुरी तरह से पीट रहा है। फिर मैंने सोचा, आज मैंने क्रिमिनल केस नहीं किया तो पता नहीं, वो एक आम महिला के साथ क्या करेगा? यही सोच मेरे दिमाग में बार-बार आ रही थी। जिस दिन मैंने शिकायत की, उस दिन मुझे घटना के तीन दिन बाद काफी हिम्मत आई थी, मेरी हालत ठीक हो गई थी, मैं महसूस किया कि, अगर आज मैंने डर या बदनामी के डर से चुप रही तो, शिकायत नहीं की तो, मैं हर उस महिला के लिए खराब हो जाती, जिनको मैंने जिंदगी में हर बार बोला कि सच के साथ खड़े रहो।''












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