सुषमा स्वराज की ट्रंप को दो टूक, दबाव या लालच में नहीं लिया फैसला
सुषमा स्वराज ने पेश किया विदेश मंत्रालय के तीन साल का ब्योरा, बोलीं हमने दुनिया के साथ अच्छे संबंध बनाने की कोशिश की।
नई दिल्ली। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने आज विदेश मंत्रालय का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए कहा कि हमने पिछले तीन सालों में विदेश मंत्रालय का स्वरूप भी बदला है और चरित्र भी बदला है। उन्होंने कहा कि दुनियाभर के देशों के साथ हम अच्छे संबंध स्थापित करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, हमारे संबंध उन तमाम देशों से भी अच्छे हैं जो एक दूसरे के विरोधी भी हैं, हमारे संबंध ईरान और इराक दोनों से ही बेहतर है।

अमेरिकी सरकार के साथ भारत के संबंध बेहतर
ट्रंप सरकार आने के बाद भारत-अमेरिका के संबंधों में किसी भी तरह की कमी नहीं आई है, तीन बार पीएम मोदी की ट्रंप से बात हुई है। विदेश सचिव, एनएसए, वित्त मंत्री और मेरी खुद अमेरिका के समकक्षों से बात हुई है। इन सबसे यह बात निकलकर सामने आई है कि ट्रंप प्रशासन हमारे साथ पारस्परिक लाभ का संबंध रख रहा है। एचवन वीजा के नियमों में अभी तक बदलाव नहीं हुआ है, हालांकि चिंता है कि यह नियम बदल सकते हैं। लेकिन मैं देश के लोगो को यह आश्वस्त करना चाहती हूं कि हम ट्रंप प्रशासन और कांग्रेस पार्टी के साथ संपर्क में है और इस बात की पूरी कोशिश कर रहे हैं कि किसी भी ऐसे तरह के नए नियम ना आएं जिससे कि भारतीयों को परेशानी हो।
पेरिस समझौते पर किसी दबाव या लालच में हस्ताक्षर नहीं किया
भारत ने पेरिस समझौते पर हस्ताक्षर किसी लालच या दबाव में नहीं किया है, पर्यावरण की रक्षा हमारी पांच हजार साल पुरानी परंपरा है। ऐसे में अगर पेरिस समझौते में अमेरिका रहे या नहीं रहे हम पेरिस समझौते में रहेंगे। सुषमा स्वराज ने ट्रंप के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि हमने इस समझौते पर किसी भी दबाव या लालच में हस्ताक्षर नहीं किया है। हमार प्रधानमंतरी ने खुद कहा है कि पर्यावरण की रक्षा हमारी पुरानी संस्कृति है। गांव में लोग नदी की पूजा करते हैं, पेड़ की भी पूजा करते हैं।
सुषमा स्वराज की प्रेस कांफ्रेंस के मुख्य अंश
- इजरायल से हमारे संबंध अच्छे हैं और पेलेस्ताइन के हितों के साथ हम खड़े हैं।
- दुनिया में वो देश जो परस्पर विरोध भी उनसे भी हमारे संबंध अच्छे हैं, इरान और इराक दोनो से हमारे संबंध अच्छे हैं।
- इस बार का हमारा घोष वाक्य प्रभावी कूटनीति उत्तम परिणाम है।
- पासपोर्ट की सेवाओं में हमने सुधार और विस्तार भी किया है, पासपोर्ट के नियमों को सरल किया है, पिछले क्वार्टर की तुलना में इस क्वार्टर की तुलना में 50 फीसदी पासपोर्ट की संख्या बढ़ी है।
- कई-कई दिन लोगों को निकालने के लिए मेजर वीके सिंह ने कड़ी मेहनत की।
- पिछले तीन वर्षों में 80 हजार लोगों को भारत में वापस लाया गया है जो संकट में फंसे हुए थे, पीएम ने खाड़ी के देशों से हमारे संबंध इतने अच्छे कर दिए कि इस काम में हमे कोई दिक्कत नहीं हुई।
- आज विदेश में बसे भारतीयों का मनोबल बहुत उंचा है।
- विश्वभर में भारत की साख बढ़ी है।
- पहली बार घरेलू विकास में विदेश मंत्रालय अपनी भूमिका निभा रहा है।
- हमारी सरकार में 37.5 फीसदी एफडीआई में पिछली सरकार की तुलना में बढ़ोत्तरी हुई है।












Click it and Unblock the Notifications