Surgical Strike: अब पहले जैसी नहीं रही है भारतीय सेना, भूलकर भी ना टकराना
नई दिल्ली। पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक के एक साल बाद अगर भारतीय सेना के रुख का आंकलन करें तो यह लगातार आक्रामक हुआ है। जिस तरह से पिछले कुछ समय से भारतीय सेना एक के बाद एक आंतकियों पर कठोर कार्रवाई कर रही है उसने आतंकियों की कमर तोड़कर रख दी है। पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक को एक साल हो चुके हैं, जब सेना ने सीमा पार बैठे आतंकियों को घुसकर मौत के घाट उतारा था। भारतीय सेना ने 28 सितंबर 2016 को पाकिस्तान में सर्जिकल स्ट्राइक की थी। इस सर्जिकल स्ट्राइक के बाद एक बात जो बिल्कुल साफ हो गई थी वह यह कि भारतीय सेना अब पहले जैसी नहीं रही है, अब वह किसी भी आतंकी घटना पर चुप बैठने वाली नहीं थी। सेना ने जिस तरह से पाक सीमा के भीतर घुसकर आतंकियों के ठिकानों को तबाह किया था उसकी उम्मीद पाकिस्तान को भी नहीं थी।

भारतीय सेना का मनोबल बढ़ा
जिस तरह से उऱी में सेना के कैंप पर आतंकियों ने हमला किया था उसने सेना के मनोबल को काफी तोड़ा था, इस आतंकी हमले में 19 सैनिक शहीद हो गए थे। इस आतंकी हमले के बाद सवाल खड़े होने लगे थे कि आखिर भारतीय सेना क्यों इस हमले का जवाब नहीं दे रही है। यही नहीं पठानकोट हमले के बाद भी भारतीय सेना ने चुप्पी साधे रखी और इस हमले का भी जवाब नहीं दिया गया था। लेकिन उरी हमले ने सबकुछ बदल कर रख दिया था, जिसके बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान के भीतर चल रह लश्कर के कैंप को उड़ाने का फैसला किया।

काफी उग्र हुआ है सेना का रुख
भारतीय सेना ने जिस तरह से पाकिस्तान के भीतर सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया था वह पूरी तरह से सफल रहा था और सेना ने पाक सीमा के भीतर चल रहे आतंकियों के लॉच पैड को बड़ा नुकसान पहुंचाया था, इस घटना के बाद सेना ने आतंकियों के मनोबल को बुरी तरह से तोड़कर रख दिया था और उन्हें पीछे ढकेलने में सफलता हासिल की थी। मौजूदा समय में भारतीय सेना के रुख पर नजर डाले तो यह काफी आक्रामक हो चुका है। जिस तरह से पाकिस्तान सीमा पार से फायरिंग करता रहता है उसका भारतीय सेना जबरदस्त जवाब देती है।

पाक सेना की कमर तोड़ी
जब भी अब पाकिस्तान सीजफायर का उल्लंघन करता है उसके जवाब में भारतीय सेना काफी जबरदस्त कार्रवाई करती। अक्सर आतंकियों को घुसपैठ में मदद करने के लिए पाक की सेना सीजफायर का उल्लंघन करती है। लेकिन जिस तरह से भारतीय सेना इसका जवाब देती है वह पाकिस्तान की सेना और आतंकियों के लिए बहुत मुश्किल खड़ी करता है और उन्हें बड़ा नुकसान पहुंचाती है, जिसकी भरपाई करने में पाक को काफी लंबा समय लगता है। एलओसी पर भारतीय सेना के इस सख्त रवैये से साफ है कि सेना के रुख में काफी बदलाव आ चुका है और वह पहले से कहीं ज्यादा उग्र हो गई है।












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