शाहीन बाग प्रदर्शन के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली, 10 फरवरी को होगी सुनवाई
नई दिल्ली। शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ हो रहे धरना-प्रदर्शन का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है। इस प्रदर्शन के कारण 55 दिन से कालिंदी कुंज-शाहीन बाग का रास्ता बंद है। इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी, जिसपर सुनवाई 10 फरवरी तक के लिए टाल दी गई है। 8 फरवरी यानी कल होने वाले चुनाव के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई सोमवार तक के लिए टाल दी है।
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सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ता ने दलील दी थी कि दिल्ली में होने वाली वोटिंग से पहले इस याचिका को सुना जाए, इसपर कोर्ट ने कहा कि इसीलिए याचिका पर सोमवार को सुनवाई करेंगे। कोर्ट ने कहा कि हम समझते हैं कि समस्या है।
सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं में दिल्ली को नोएडा से जोड़ने वाली अहम सड़क के बंद होने से लाखों लोगों को हो रही दिक्कतों का मुद्दा उठाया गया है। इस याचिका में ये भी मांग की गई है कि कोर्ट पुलिस को ये देखने का निर्देश दे कि वहां भाषण देने वालों का किस संगठन से संबंध है और कहीं उनका इरादा देशविरोधी गतिविधियों के लिए लोगों को भड़काना तो नहीं है।
नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी को लेकर शाहीन बाग इलाके में 15 दिसंबर से मुस्लिम महिलाएं धरने पर बैठी हैं। महिलाओं का यह धरना प्रदर्शन लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। प्रदर्शन कर रही इन महिलाओं की मांग है कि सरकार नागरिकता संशोधन कानून को वापस ले। वहीं, ये प्रदर्शन दिल्ली विधानसभा चुनाव में एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा भी बन चुका है।
इस बीच जानकारी मिल रही है कि दिल्ली पुलिस के कमिश्नर अमूल्य पटनायक शुक्रवार को शाहीन बाग का दौरा कर सकते है। वे दोपहर दो बजे करीब शाहीन बाग जा सकते हैं। अमूल्य पटनायक विधानसभा चुनाव के मद्देनजर तैयारियों का जायजा लेने शाहीन बाग जाएंगे।












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