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कर्नाटक: बीजेपी को एक और झटका, सुप्रीम कोर्ट ने एंग्लो इंडियन सदस्य नामित करने के राज्यपाल के फैसले पर लगाई रोक

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    बेंगलुरू: कर्नाटक में बहुमत के लिए जरूरी नम्बर नहीं होने के बावजूद भाजपा को राज्यपाल ने सरकार बनाने का न्योता दिया और येदुरप्पा ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी लेकिन इसी का विरोध करते हुए कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। राज्यपाल द्वारा येदुरप्पा को बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन दिए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस ने याचिका दी थी जिसपर सुनवाई जारी है।

    Supreme Court stays plea challenging Karnataka Governor decision to nominate an Anglo-Indian MLA

    इसके पहले कल कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की तरफ से एक और याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई थी। ये याचिका एंग्लो-इंडियन विधायक की नियुक्ति के विरोध में दायर की गई थी। याचिका मे सीएम बीएस येदुरप्पा के सदन में बहुमत साबित करने तक एंग्लो इंडियन विधायक मनोनीत किए जाने पर रोक लगाने की मांग की गई थी जिसे सुप्रीम कोर्ट ने मान लिया है।

    सुप्रीम कोर्ट ने येदुरप्पा सरकार की तरफ से एक एंग्लो इंडियन समुदाय के विधायक को मनोनीत करने पर रोक लगा दी है। सरकार की कोशिश थी कि एक सदस्य को मनोनीत कर बहुमत के आंकड़े के कुछ करीब आया जाए लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस पर रोक लगा दी है जिसके बाद बीजेपी को एक और झटका लगता दिखाई दे रहा है।

    बता दें कि 224 सदस्यीय विधानसभा में 222 सीटों पर मतदान हुआ था जिसमें बीजेपी को 104, कांग्रेस को 78 और जेडीएस को 37 सीटें मिली थीं. इनके अलावा बहुजन समाज पार्टी, कर्नाटक प्रज्ञावंत जनता पार्टी और निर्दलीय उम्मीदवार के खाते में 1-1 सीट आई थी। 

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    English summary
    Supreme Court stays Congress-JDS's plea challenging Karnataka Governor's decision to nominate an Anglo-Indian MLA to the Assembly.

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