सुप्रीम कोर्ट की विदेश मंत्रालय को फटकार, पूछा- क्यों हो रही है माल्या के प्रत्यर्पण में देरी?
नई दिल्ली। 9000 हजार करोड़ रुपये का कर्ज नहीं चुका पाने के मामले भगोड़ा घोषित किए गए शराब कारोबारी विजय माल्या के प्रत्यर्पण में हो रही देरी को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की है। सुप्रीम कोर्ट ने पूछा है कि कोर्ट के आदेश के बावजूद केंद्र प्रत्यर्पण में इतनी देरी क्यों कर रही है। सर्वोच्च न्यायालय ने इस संबंध में 15 दिसंबर तक जवाब मांगा है। सुप्रीम कोर्ट ने आदेशों का पालन ना होने पर गृह मंत्रालय के सचिव को समन जारी करने के भी संकेत दिए हैं। बता दें कि इस विजय माल्या पर प्रत्यर्पण को लेकर लंदन के वेस्ट मिन्सटर मजिस्ट्रेट कोर्ट में सुनवाई चल रही है।

उधर विजय माल्या के खिलाफ ब्रिटेन की अदालत में प्रत्यर्पण मामले की सुनवाई सोमवार से शुरू हो गई है। ब्रिटेन की वेस्ट मिन्सटर कोर्ट इस बात पर फैसला लेगी कि भगोड़े कारोबारी को किंगफिशर एयरलाइन से संबंधित आरोपों की सुनवाई के लिए भारत प्रत्यर्पित किया जा सकता है या नहीं। लंदन के वेस्टमिन्सटर मजिस्ट्रेट की अदालत में सोमवार से शुरू हुई सुनवाई चार दिनों तक चलेगी। बता दें कि इस सुनवाई में बैरिस्टर क्लारे मोंटगोमेरी उनकी पैरवी कर रहे हैं। माल्या के वकील ने भारत की न्याय प्रणाली और मीडिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा किया है। माल्या के वकील का कहना है कि भारत के जज सरकारी दबाव में काम करते हैं। उन्होंने पाकिस्तान के जजों को भारत से ज्यादा तटस्थ बताया है।












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