'Hate Speech पर सभी पक्षों के साथ होगा एक जैसा व्यवहार', सुप्रीम कोर्ट की कड़ी चेतावनी
Hate Speech News: देशभर में हेट स्पीच के बढ़ते मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आज यानी शुक्रवार 18 अगस्त को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मौखिक रूप से कहा कि नफरत फैलाने वाले भाषण, चाहे वह एक तरफ से हो या दूसरे पक्ष से एक समान व्यवहार किया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जहां भी हेट स्पीच होगी, उससे कानून के अनुसार निपटा जाएगा। livelaw.in की खबर के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि हेट स्पीच मामलों में हम इस बात पर ध्यान नहीं देंगे कि किस पक्ष ने क्या किया। हम नफरत फैलाने वाले भाषणों से कानून के मुताबिक निपटेंगे।

जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस एसवीएन भट्टी की बेंच नफरत फैलाने वाले भाषणों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था। जहां एक याचिका में नूंह-गुरुग्राम सांप्रदायिक हिंसा के बाद मुसलमानों के सामाजिक और आर्थिक बहिष्कार के आह्वान की शिकायत की गई है।
तो वहीं, दूसरी याचिका में विरोध रैलियों पर रोक लगाने की मांग की गई है। इस मामले की सुनवाई को सुप्रीम कोर्ट गुरुवार तक के लिए टाल दिया है। इस मामले में अगली सुनाई 25 अगस्त को होगी। क्योंकि, खंडपीठ को बिहार सरकार के जाति-आधारित सर्वेक्षण कराने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करनी थी।
जस्टिस संजीव खन्ना ने शुरुआत में ही कहा, 'हमारे पास बिहार का मामला है। हम उस मामले और इस मामले दोनों पर आज सुनवाई नहीं कर सकते। हम इस पर शुक्रवार को सुनवाई करेंगे।' कहा, 'मैंने तहसीन पूनावाला दिशानिर्देशों को भी देखा है। मुझे उम्मीद है उनका अनुपालन किया जा रहा है।'
खबर के मुताबिक, एक वकील ने कहा, 'उत्तरी केरल में एक रैली के दौरान इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) की युवा शाखा के सदस्यों द्वारा हिंदुओं की हत्या के संबंध में नारे लगाए थे। इस पर जस्टिस संजीव खन्ना ने कहा, मैं स्पष्ट हूं कि चाहे एक पक्ष हो या दूसरा, उनके साथ एक जैसा व्यवहार किया जाना चाहिए।'
सुप्रीम कोर्ट हेट स्पीट और हेट क्राइम पर सख्त
उन्होंने आगे कहा कि जहां भी नफरती भाषण होगा, उनसे कानून के अनुसार निपटा जाएगा। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, पिछली सुनवाई में हेट स्पीच और हेट क्राइम पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त विचार व्यक्त किए थे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि हेट क्राइम और हेट स्पीच पूरी तरह अस्वीकार्य है। भविष्य में ऐसी घटनाएं ना हों, मैकेनिज्म बनाना जरूरी है।
हमें इस समस्या का हल निकालना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से ऐसी घटनाओं को रोकने का प्रस्ताव मांगा था। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रैलियों आदि पर रोक लगाने के आदेश देने से इनकार किया था। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं से कहा है कि वे अपने पास उपलब्ध हेट स्पीच के मैटेरियल को तहसीन पूनावाला फैसले के मुताबिक नोडल अफसर को दें।
नोडल अफसर कमेटी को इस तरह की शिकायतों पर निवारण के लिए समय समय पर मिलना चाहिए। साथ ही कहा था कि हम DGP से कहेंगे कि वे एक कमेटी का गठन करें, जो अलग-अलग इलाकों के SHO से प्राप्त हेट स्पीच की शिकायतों पर गौर कर उनके कंटेंट की जांच करे और सम्बंधित पुलिस अधिकारियों को इस बारे में निर्देश जारी करे।












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