ED निदेशक के कार्यकाल विस्तार को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई पूरी, SC में फैसला सुरक्षित
ईडी के डायरेक्टर संजय मिश्रा की कार्यकाल पूरा होने के बाद तीन बार उनका सेवा विस्तार सवालों को घेरे में हैं। उनका कार्यकाल बढ़ाने को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने अब सुनावई पूरी कर ली है।

प्रवर्तन निदेशालय के निदेशक संजय मिश्रा के कार्यकाल विस्तार को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। जिस पर सोमवार को अदालत ने सुनवाई पूरी कर ली। याचिका पर सुनवाई की प्रक्रिया पूरी ने सर्वोच्च अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।
ईडी निदेशक संजय कुमार मिश्रा तीसरी बार सेवा विस्तार से मिलने और इसके विरोध में याचिकाएं दायर होने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इसको लेकर सरकार से सवाल भी पूछा था। सुप्रीम कोर्ट कहा था कि इतना जरूरी संजय मिश्रा क्यों है कि अदालत के मना करने के बाद भी उनका कार्यकाल बढ़ाया जा रहा है।
सुप्रीम संजय मिश्रा के सेवा विस्तार पर केंद्र की खिंचाई पहले ही कर चुका है। अदालत ने नोटिस के जवाब में केंद्र की ओर जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संजय करोल की पीठ को अवगत कराया गया कि मिश्रा का विस्तार प्रशासनिक कारणों और वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (FATF) के मूल्यांकन के लिए जरूरी था। जिस पर सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ ने कई सवाल किए।
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दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय निदेशक संजय कुमार मिश्रा के कार्यकाल को 16 नवंबर 2021 से आगे बढ़ाने से रोक दिया था। लेकिन केंद्र ने दलील दी कि केंद्रीय सतर्कता आयोग अधिनियम में किए गए संशोधनों के तहत ईडी निदेशक के कार्यकाल को पांच साल तक बढ़ाया जा सकता है।
बता दें कि 1984 बैच के आईआरएस अधिकारी तीसरे सेवा विस्तार के बाद अब नवंबर 2023 तक डी डायरेक्टर के पद पर रहेंगे। उन्हें 19 नवंबर, 2018 को दो साल के लिए ईडी का निदेशक नियुक्त किया गया। बाद में केंद्र सरकार ने नियुक्ति पत्र को संशोधित करते हुए उनका कार्यकाल दो साल बढ़ाकर तीन साल कर दिया था। ईडी डायरेक्टर के पद पर नियुक्ति के बाद तीन बार उनका कार्यकाल बढ़ाया गया।
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