'त्यौहार मनाने के दूसरे तरीके खोज लीजिए...', SC से मनोज तिवारी को तगड़ा झटका, पटाखों पर बैन हटाने से इनकार
Manoj Tiwari on firecrackers ban: दिल्ली में पटाखों पर पूरी तरह बैन लगाने के दिल्ली सरकार के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे भाजपा सांसद मनोज तिवारी को तगड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया है।
मनोज तिवारी के वकील ने दलील दी कि सुप्रीम कोर्ट का ही फैसला है कि हर तरह के पटाखों पर पूरी तरह से प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता, इसके बावजूद दिल्ली सरकार ने पटाखों पर पूर्णत: बैन लगा दिया है।

आपको बता दें कि मनोज तिवारी ने पिछले साल अक्टूबर 2022 में, दिल्ली में पटाखों पर प्रतिबंध के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। पिछली सुनवाई में भी सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में दखल देने से इंकार कर दिया था। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस एएस बोपन्ना और एमएम सुंदरेश की बेंच के सामने मनोज तिवारी के वकील ने कहा, 'ऐसे कई राज्य हैं, जिन्होंने पटाखों को पूरी तरह से बैन कर दिया है, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने ग्रीन पटाखों को लेकर आदेश जारी किया हुआ है।'
'उन राज्यों में जाइए, जहां पटाखे फोड़ने की इजाजत है'
मनोज तिवारी के वकील की दलीलों पर जस्टिस एएस बोपन्ना ने कहा, 'स्थानीय स्तर पर अगर कहीं प्रतिबंध है, तो फिर है। हम उस मामले में हस्तक्षेप नहीं करेंगे। आप त्यौहार और खुशी मनाने के दूसरे तरीके खोज सकते हैं।' जस्टिस बोपन्ना ने हल्के-फुल्के अंदाज में आगे कहा, 'अगर फिर भी आपका मन है कि पटाखे फोड़ें, तो उन राज्यों में जाइए, जहां पटाखे फोड़ने की इजाजत है। लोगों के लिए कुछ सोचिए, कुछ करिए। अपने समर्थकों से भी कहिए कि दिवाली पर पटाखे अगर बैन हैं तो ना फोड़ें।'
केजरीवाल सरकार ने इस बार भी लगाया बैन
गौरतलब है कि पिछले कुछ सालों की तरह दिल्ली सरकार ने इस साल भी दिवाली पर पटाखों की बिक्री, जमा करने, ऑनलाइन डिलीवरी और फोड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया है। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि वो एनसीआर में शामिल दूसरी राज्य सरकारों से भी अपील करते हैं कि पटाखों को लेकर लाइसेंस जारी ना करें। गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर के लोगों को साफ हवा मिले, इसीलिए पटाखों पर बैन का फैसला लिया गया है।












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