सुप्रीम कोर्ट ने दीवाली पर पटाखों पर पाबंदी लगाने से इनकार किया
नई दिल्ली। दीवाली के मौके पर पटाखों पर पाबंदी लगाने की याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने ठुकरा दिया। कोर्ट ने कहा कि इस तरह का फैसलाा नहीं दिया जा सकता है जिसे लागू नहीं कराया जा सके।

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एचएल दत्तू की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि लोग कह सकते हैं कि पटाखे छुड़ाना उनका अधिकार है ऐसे में इस तरह के फैसला नहीं दिया जा सकता है।
हालांकि कोर्ट ने अपना पुराना फैसला एक बार फिर से दोहराया जिसमें रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक पटाखों पर पाबंदी है। कोर्ट ने यह फैसला तीन बच्चों की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा।
हाल ही में केंद्र सरकार ने अपने जवाब में कहा था कि पटाखों पर पूरी तरह से पाबंदी नहीं लगायी जा सकती हैं क्योंकि वायू प्रदूषण का एकमात्र कारण आतिशबाजी नहीं है।
याचिका के विरोध में हिंदू संस्था ने कहा कि देश में दीवाली सैकड़ों साल से मनाया जा रहा है। दीवाली के मौके पर पटाखे छुड़ाना हिंदू परंपरा है ऐसे में पटाखों पर पाबंदी लगाने से हिंदुओं की भावना आहत होगी।
वहीं पटाखा व्यवसायियों ने भी याचिका पर विरोध जताते हुए कहा कि अगर पटाखों पर पाबंदी लगायी गयी तो पटाखे के व्यापार बंद हो जाएगा जिससे लाखों कर्मचारियों की आजीविका पर ग्रहण लग चुका है।












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