अब चलेगी सुप्रीम कोर्ट की पुलिसगिरी, दर्ज करनी होगी FIR

Supreme Court
नई दिल्ली। आपने ऐसे तमाम मामले देखे होंगे, जिनमें पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने से इंकार कर दिया हो। ऐसे भी मामले सुने होंगे, जिसमें भारी दबाव के बाद जाकर पुलिस ने मामला दर्ज किया हो, लेकिन अब यह मनमानी नहीं चलेगी। क्‍योंकि अब सुप्रीम कोर्ट की पुलिसगिरी चलेगी।

कोर्ट की इस पुलिसगीरी के अंतर्गत अगर कोई अधिकारी गंभीर मामलों में एफआईआर दर्ज करने से मना करेगा, तो उस पर कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट का मामला दर्ज होगा। असल में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त निर्देश जारी किया है कि अगर कोई व्यक्ति किसी गंभीर अथवा जघन्य अपराध को लेकर रिपोर्ट लिखाने आता है, तो पुलिस को तुरंत एफआईआर दर्ज करनी होगी।

वर्तमान व्यवस्था के तहत पुलिसकर्मी पहले मौके पर जाते हैं, अपराध की गंभीरता को परखते हैं और अगर मामला थोड़ा भी कम गंभीर हुआ, तब जाकर एफआईआर दर्ज करते हैं। अन्यथा टालने की पूरी कोशिश की जाती है। वहीं संविधान के अनुच्छेद 145 (3) के अंतर्गत, संविधान की व्याख्या से संबंधित कानून के किसी भी अहम सवाल से जुड़ केस की सुनवाई कम से कम पांच जजों के बेंच से होनी चाहिए। ऐसा तभी संभव है, जब पुलिस एफआईआर दर्ज करेगी।

इस पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला देते हुए कहा कि गैर जमानती अपराध के मामलों में तुरंत एफआईआर दर्ज करनी होगी। कोर्ट ने कहा कि जो अधिकारी ऐसा नहीं करता उस पर तुरंत कार्रवाई की जाए। यह ऐतिहासिक फैसला न्यायमूर्ति पी सतशिवम की अध्यक्षता वाली पीठ ने दिया। आदेश में यह भी कहा गया कि अगर मामला गैरजमानती बनता है, तो आरोपी को बिना वॉरंट गिरफ्तार कर सकते हैं।

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