हेट स्पीच मामले में सुप्रीम कोर्ट ने BJP नेता अनुराग ठाकुर और परवेश वर्मा के खिलाफ FIR के लिए जारी किया नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने BJP नेता अनुराग ठाकुर और परवेश वर्मा के खिलाफ FIR के लिए नोटिस जारी किया है। सीपीआई (एम) नेता बृंदा करात की याचिका पर नोटिस जारी किया है।

सुप्रीम कोर्ट ने सीपीआई (एम) नेता बृंदा करात द्वारा दायर याचिका पर नोटिस जारी किया है। याचिका में 2020 में दिल्ली दंगों के दौरान कथित रूप से नफरत फैलाने वाले भाषणों के लिए भाजपा नेताओं अनुराग ठाकुर और परवेश वर्मा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर नोटिस जारी किया है।
वहीं, इस मामले में दिल्ली पुलिस से भी जवाब मांगा है। दिल्ली दंगे के दौरान दोनों सांसदों के हेट स्पीच के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया है। जस्टिस जोसेफ ने अनुराग ठाकुर की 'गोली मारो' वाली टिप्पणी पर भी ध्यान दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मेरा मानना है कि गद्दार का मतलब देशद्रोही होता है? यहां पर गोली मारो दवाई से संबंधित निश्चित रूप से नहीं था।
पिछले साल 13 जून को दिल्ली उच्च न्यायालय ने बृंदा करात और केएम तिवारी द्वारा भाजपा के दो सांसदों के खिलाफ उनके हेट स्पीच को लेकर दायर याचिका को खारिज कर दिया था। इससे पहले निचली अदालत ने भी इस याचिका को खारिज कर दिया था।
उच्च न्यायालय ने निचली अदालत के आदेश में हस्तक्षेप करने से यह कहते हुए इनकार कर दिया था कि कानून के तहत मौजूदा तथ्यों में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए सक्षम प्राधिकारी से मंजूरी लेना जरूरी है।
याचिकाकर्ताओं ने ट्रायल कोर्ट के समक्ष अपनी शिकायत में दावा किया था कि अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा ने "लोगों को उकसाने की कोशिश की थी, जिसके परिणामस्वरूप दिल्ली में दो अलग-अलग विरोध स्थलों पर गोलीबारी की तीन घटनाएं हुईं।
याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि 27 जनवरी 2020 को राष्ट्रीय राजधानी में रिठाला में एक रैली में अनराग ठाकुर ने शाहीन बाग के विरोधी सीएए प्रदर्शनकारियों पर हमला करने के बाद भड़काऊ नारा देश के गद्दारों को गोली मारो लगाने के लिए भीड़ को उकसाया था।
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