Same Sex Marriage: तीसरे दिन की सुनवाई खत्म, सोमवार तक होंगी दलीलें पूरी
सुप्रीम कोर्ट में आज की समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने की मांग करने वाली याचिकाओं पर बहर पूरी हो गई है।

समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने की मांग करने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई जारी है। 18 अप्रैल से शुरू हुई दलीलें गुरुवार को तीसरे दिन भी जारी रही। आज के लिए बहस खत्म हो गई है। इस दौरान सीजेआई ने याचिकाकर्ताओं से सोमवार को दलीलें पूरी करने की बात कही है।
सुप्रीम कोर्ट गुरुवार को देश में विवाह समानता की मांग के संबंध में कम से कम 15 याचिकाओं पर अपनी सुनवाई के तीसरे दिन में पहुंच गया है। पांच जजों की बेंच इस मामले पर सुनवाई कर रही है।
तीसरे दिन की सुनवाई पूरी
CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि याचिकाकर्ताओं की ओर से किसी भी मामले में बहस सोमवार को बंद कर दी जाएगी। इसी के साथ उन्होंने वकीलों से समय के बंटवारे पर आपस में चर्चा करने के लिए कहा।
चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने सुनवाई के तीसरे दिन कहा, "हम इन [समान-लिंग] संबंधों को ना केवल शारीरिक संबंधों के रूप में देखते हैं, बल्कि एक स्थिर भावनात्मक संबंध के रूप में देखते हैं।" शीर्ष अदालत ने मामले को समयबद्ध तरीके से खत्म करने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि अभी और भी मामले हैं, जिन पर सुनवाई होनी बाकी है।
एडवोकेट विश्वनाथन ने अमेरिकी अदालतों के फैसलों का हवाला दिया, जिसमें अंतर-नस्लीय विवाहों को प्रतिबंधित करने वाले गलत कानूनों को बरकरार रखा गया था। लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार यह तर्क देने के लिए अंश पढ़ें कि समान-लिंग विवाह के खिलाफ तर्क अंतर-नस्लीय विवाह के खिलाफ तर्क के बराबर है।
इससे पहले बुधवार की सुनवाई अदालत में केंद्र के हलफनामे के साथ शुरू हुई, जिसमें सभी राज्यों को मामले में पक्षकार के रूप में स्वीकार करने की मांग की गई थी। जिसमें कहा गया था कि इस मामले में राज्य के नियमों और समाज के विभिन्न वर्गों के रीति-रिवाजों के आकलन की आवश्यकता है।












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