सुप्रीम कोर्टः इस सत्र में पढ़ाने दीजिए जर्मन भाषा
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि इस सत्र में स्कूलों में संस्कृत नहीं जर्मन भाषा को ही पढ़ाने दीजिए। दरअसल, सरकार की ओर से छठी से आठवीं कक्षा में जर्मन की जगह संस्कृत को तीसरी भाषा के रूप में पढ़ाए जाने की सिफारिश की गई थी।

मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से छठी से आठवीं कक्षा के छात्रों को जर्मन भाषा को तीसरी भाषा के रूप में न पढ़ाने जाने की सिफारिश करते हुए कहा गया था कि तीसरी भाषा के रूप में स्कूलों में संस्कृत को पढ़ाया जाए।
सुप्रीन कोर्ट ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय को अपने इस निर्णय पर फिर से विचार करने के लिए कहा है। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने एटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी से पूछा है कि इतनी हड़बड़ी क्यों। क्या यह अगले सत्र से नहीं हो सकता। इस पर मुकुल रोहतगी का कहना था कि जर्मन को तीसरी भाषा के तौर पर पढ़ाने के लिए जो आपसी समझौता हुआ था। जिसमें कहा गया था कि इस तरह गैर कानूनी व्यवस्था को आगे जारी रखना ठीक नहीं है।
आपको बता दें कि केंद्रीय विद्यालय के लाखों छात्र-छात्राओं का भविष्य इसी के चलते प्रभावित होता। सुप्रीम कोर्ट ने इसी को ध्यान में रखते हुए दायर हुई जनहित याचिका पर यह निर्देश दिए हैं। जानकारी के मुताबिक 5 दिसंबर को इस मसले पर फिर से सुनवाई होगी।












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