सुप्रीम कोर्ट ने त्रिपुरा सरकार से पूछा-क्या बीजेपी MLA ने तालिबान स्टाइल में हिंसा करने का भाषण दिया था?
नई दिल्ली, 23 नवंबर: निकाय चुनावों के मद्देनजर भाजपा शासित त्रिपुरा में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ती जा रही है। तृणमूल कांग्रेस ने आज सुप्रीम कोर्ट में अपने नेताओं के खिलाफ हो रही हिंसा को लेकर कहा कि, सत्तारूढ़ दल के एक विधायक ने कथित तौर पर तृणमूल कार्यकर्ताओं पर "तालिबानी शैली" में कार्रवाई की सलाह दी थी। चुनावी हिंसा के मुद्दे पर जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस विक्रम नाथ की बेंच ने राज्य सरकार से पूछा है कि क्या बीजेपी विधायक ने तालिबान स्टाइल में हिंसा करने का भाषण दिया था? सुप्रीम कोर्ट ने पूछा है कि अगर दिया है तो विधायक के खिलाफ क्या कार्यवाही की गई ?

सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई के दौरान त्रिपुरा की ओर से पेश हुए वकीक महेश जेठमलानी ने कहा कि हमें नहीं लगता कि ये हिंसा को उकसाने का भाषण था। विधायक को पूछताछ के लिए बुलाया भी गया है। वहीं दूसरी ओर, टीएमसी के वकील जयदीप गुप्ता ने कहा कि हालात इतने खराब हैं कि डर के चलते सीपीएम ने अपने उम्मीदवारी वापस ले ली। अगर हम खड़े नहीं हुए तो वहां कोई विपक्ष नहीं रहेगा।
सुनवाई के दौरान तृणमूल कांग्रेस के वकील जयदीप गुप्ता ने कहा कि त्रिपुरा में बहुत गंभीर स्थिति है। पुलिस है और कुछ नहीं कर रही है। पत्रकार की पिटाई की गई है। नारे लगाने के लिए पार्टी की सदस्य सयोनी घोष के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। पीड़ित होने के बावजूद उन्हें हत्या के प्रयास के आरोप का सामना करना पड़ रहा है। टीएमसी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में हिंसा की कई तस्वीरों को भी पेश किया गया है।
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न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ ने राज्य सरकार से सुरक्षा के लिए केंद्रीय अर्धसैनिक बल की अतिरिक्त बटालियन तैनात करने पर विचार करने के लिए कहा है। इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि, "हम अभी विवाद में नहीं जाना चाहते हैं। हम केवल पुलिस उपस्थिति जोड़ना चाहते हैं। त्रिपुरा में राजनीतिक हिंसा तेज हो गई है क्योंकि तृणमूल ने 2023 के विधानसभा चुनावों से पहले राज्य में अपने विस्तार करने के प्रयासों को तेज कर दिया है। पार्टी 25 नवंबर को त्रिपुरा निकाय चुनाव लड़ रही है।
बता दें कि, अगस्त के महीने में त्रिपुरा में भाजपा सरकार के विधायक अरूण चंद्र भौमिक ने कहा था कि तृणमूल कांगेस बिप्लब देव सरकार को जानबूझकर टारगेट कर रही है। अब अगर उनके नेता अगरतला हवाई अड्डे पर पहुंचते हैं तो हमारे कार्यकर्ताओं को तालिबानी शैली में उनका मुकाबला करना चाहिए। रविवार को तृणमूल के युवा नेता सयोनी घोष को हत्या के प्रयास के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। टीएमसी ने कहा कि उन पर और कई अन्य नेताओं पर थाने के अंदर हमला किया गया। पुलिस और भाजपा दोनों ने इनकार किया है।
बार-बार हिंसा की घटनाओं का आरोप लगाते हुए पार्टी ने मामले को दिल्ली ले जाने का फैसला किया। कल नॉर्थ ब्लॉक में एक दिन के धरने के बाद टीएमसी सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ 20 मिनट तक बैठक की थी। जिसके बाद अमित शाह ने सीएम विप्लव देब से मामले पर रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा।












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