स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है डिसइंफेक्शन टनल, तो इसपर बैन क्यों नहीं: सुप्रीम कोर्ट

डिसइंफेक्शन टनल का इस्तेमाल करना स्वास्थ्य के लिए और मनोवैज्ञानिक तौर पर भी खतरनाक है।

नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस के लगातार बढ़ रहे मामलों के बीच सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र से पूछा कि लोगों को डिसइंफेक्ट करने के लिए लगाई गईं डिसइंफेक्शन टनल पर सरकार प्रतिबंध क्यों नहीं लगाती है? दरअसल डिसइंफेक्शन टनल से संबंधित एक याचिका पर सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में बताया कि डिसइंफेक्शन टनल का इस्तेमाल करना स्वास्थ्य के लिए और मनोवैज्ञानिक, दोनों तौर पर खतरनाक है, जिसके बाद कोर्ट ने यह प्रतिक्रिया दी। सुप्रीम कोर्ट की प्रतिक्रिया पर सॉलिसिटर जनरल ने जवाब में कहा कि मंगलवार से डिसइंफेक्शन टनल का इस्तेमाल रोकने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।

अगस्त में सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया था नोटिस

अगस्त में सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया था नोटिस

आपको बता दें कि अगस्त महीने में डिसइंफेक्शन टनल के इस्तेमाल, उसे कहीं लगाने, निर्माण करने और विज्ञापन पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर एक याचिका दाखिल की गई थी। याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों- जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस आर सुभाष रेड्डी और जस्टिस एमआर शाह की बेंच ने स्वास्थ्य मंत्रालय, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय और कृषि व किसान कल्याण मंत्रालय को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। सोमवार को सुनवाई के दौरान केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि डिसइंफेक्शन टनल का इस्तेमाल रोकने के लिए कदम उठाए गए हैं।

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    लॉ स्टूडेंट ने दाखिल की थी याचिका

    लॉ स्टूडेंट ने दाखिल की थी याचिका

    कोर्ट में ये याचिका एक लॉ स्टूडेंट गुरसिमरन सिंह नरूला की तरफ से दाखिल की गई थी, जिसमें डिसइंफेक्शन टनल पर पूरी तरह से प्रतिबंध की मांग कई गई। याचिका में कहा गया, 'कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने की आड़ में कई तरह की सैनिटाइजेशन और डिसइंफेक्शन डिवाइस लगाई जा रही हैं, जिनमें संक्रमण रोकने का गलत दावा किया जा रहा है। इनमें डिसइंफेक्शन टनल सबसे ऊपर है, जिसमें वायरस को खत्म करने के लिए कीटाणुनाशक का स्प्रे किया जाता है। इसके अलावा इसमें पराबैंगनी किरणों का भी इस्तेमाल होता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन और दुनिया के कई अन्य वैज्ञानिक संस्थानों ने इस बात की चेतावनी दी है कि इनका इस्तेमाल करना कितना खतरनाक है।'

    तेजी से बढ़ रहे हैं कोरोना वायरस के मामले

    तेजी से बढ़ रहे हैं कोरोना वायरस के मामले

    गौरतलब है कि देश में कोरोना वायरस का संक्रमण अब पहले की अपेक्षा ज्यादा तेजी से फैल रहा है। सोमवार को ही देश के अलग-अलग राज्यों में कोरोना वायरस संक्रमण के 90802 नए केस सामने आए। वहीं, पिछले 24 घंटों के भीतर कोरोना वायरस के कारण 1016 मरीजों की जान गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, नए मरीजों के बाद देश में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल केस बढ़कर 42,04,614 हो गए हैं। हालांकि 32,50,429 मरीज ठीक होने के बाद देश में फिलहाल कोरोना के एक्टिव केस 8,82,542 बचे हैं।

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